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कार्यक्रम के बीच अचानक स्कूल पहुंचीं सीएम विष्णुदेवसाय कि धर्मपत्नी कौशल्या साय, बच्चों को पढ़ाया रामायण और पर्यावरण का पाठ। 

CG Mirror News

पाकरगांव के सरस्वती शिशु मंदिर में बच्चों से किया संवाद, भगवान राम के आदर्शों और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

जशपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय बुधवार को पत्थलगांव विकासखंड के पाकरगांव में सड़क उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचीं। इसी दौरान उन्होंने अचानक पाकरगांव स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल का रुख किया। बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल पहुंचीं कौशल्या साय को अपने बीच पाकर बच्चे और शिक्षक उत्साहित नजर आए। विद्यालय पहुंचने पर बच्चों एवं शिक्षकों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

कक्षा में पहुंचकर बच्चों से किया संवाद

स्कूल पहुंचते ही कौशल्या साय ने बच्चों के साथ सहजता से संवाद किया और कक्षा में बैठकर उनकी पढ़ाई तथा सामान्य जानकारी को समझने का प्रयास किया। उन्होंने बच्चों से रामायण के विभिन्न प्रसंगों और भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े सवाल-जवाब किए। बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक सवालों के जवाब दिए और भगवान राम के आदर्शों तथा उनके जीवन मूल्यों से जुड़ी अपनी जानकारी साझा की।

बच्चों की जानकारी, आत्मविश्वास और उत्साह देखकर कौशल्या साय ने उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारना भी है। भगवान श्रीराम के जीवन से हमें मर्यादा, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और अच्छे आचरण की प्रेरणा मिलती है। बच्चों को इन आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का प्रयास करना चाहिए।

शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण का पाठ

कौशल्या साय ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रकृति हमारे जीवन का आधार है। पेड़-पौधे, जल, वायु और वन्यजीवों का संरक्षण करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि हम आज पर्यावरण की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

उन्होंने बच्चों को अधिक से अधिक पौधरोपण करने, पेड़ों की देखभाल करने, पानी की बचत करने और आसपास स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की बड़ी मुहिम को मजबूत बनाया जा सकता है। बच्चों को अपने घर, स्कूल और गांव में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया गया।

अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने का आह्वान

कौशल्या साय ने बच्चों से मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने माता-पिता तथा शिक्षकों का सम्मान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए शिक्षा के साथ मेहनत, अनुशासन, संस्कार और दूसरों के प्रति सम्मान की भावना जरूरी है। बच्चों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करना चाहिए।

दौरे के बीच अचानक स्कूल पहुंचीं कौशल्या साय ने बच्चों के साथ समय बिताने को सुखद अनुभव बताया। उनके सहज व्यवहार और आत्मीय संवाद से विद्यालय का माहौल उत्साहपूर्ण हो गया। बच्चों एवं शिक्षकों ने भी उनके इस आगमन को यादगार बताया। सड़क उद्घाटन कार्यक्रम के बीच हुआ यह स्कूल दौरा शिक्षा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जुड़ा रहा।

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Mukesh Nayak

Editer - Mukesh Nayak Jashpur (Cg) www.mukeshnk60@gmail.com

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