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TET की अनिवार्यता और वेतन विसंगति के खिलाफ जशपुर में शिक्षकों का बड़ा आंदोलन जिले के सभी ब्लॉकों में बाइक रैली, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो CM और शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव कि चेतावनी। 

CG Mirror News

जशपुर :-  सेवारत शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता और सहायक शिक्षकों की वेतन विसंगति को लेकर शिक्षक संगठनों का आक्रोश अब सड़क पर उतर आया है। शनिवार को जशपुर जिले के कुनकुरी, फरसाबहार, पत्थलगांव, कांसाबेल, बगीचा, मनोरा, बागबहार और दुलदुला सहित सभी ब्लॉकों में शिक्षकों ने बाइक रैली निकालकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

शिक्षक संगठनों ने साफ शब्दों में कहा है कि वर्षों से शासकीय विद्यालयों में सेवा दे रहे शिक्षकों को अब ऐसी व्यवस्था में नहीं धकेला जा सकता, जिससे उनकी नौकरी और पदोन्नति पर संकट खड़ा हो। संगठनों ने सेवारत शिक्षकों को TET की अनिवार्यता से राहत देने तथा पूर्व प्रचलित नियमों के अनुसार वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।
TET को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई के संकेत
ज्ञापन में मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और असम जैसे राज्यों का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ में भी सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष TET व्यवस्था लागू कर सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि वर्षों की सेवा के बाद उनके सामने नई अनिवार्यता खड़ी करना न्यायसंगत नहीं है।
‘मोदी की गारंटी’ के तहत वेतन विसंगति दूर करने की मांग
शिक्षकों ने सहायक शिक्षकों की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगति को भी जोर-शोर से उठाया है। संगठन का कहना है कि ‘मोदी की गारंटी’ के तहत सहायक शिक्षकों को न्याय दिलाते हुए वेतन विसंगति दूर की जाए। साथ ही नियुक्ति तिथि से पूर्व की सेवा अवधि की गणना कर क्रमोन्नति, पेंशन सहित सभी सेवा लाभ प्रदान किए जाएं।
मांगें नहीं मानीं तो होगा बड़ा आंदोलन
शिक्षक संगठनों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यह आंदोलन केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेगा। यदि सरकार ने दोनों प्रमुख मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आगे उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। जरूरत पड़ी तो राजधानी तक आंदोलन को ले जाकर मुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया जाएगा।
शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से पूरी जिम्मेदारी के साथ बच्चों को शिक्षा दे रहे हैं, इसलिए अब उनके सेवा हितों और भविष्य की सुरक्षा को लेकर सरकार को स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।
इस आंदोलन में संयुक्त शिक्षक मोर्चा, छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, नवीन शिक्षक संघ एवं सर्व शिक्षक संघ सहित शिक्षक संगठनों ने अपनी मांगें शासन के समक्ष रखीं।

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Mukesh Nayak

Editer - Mukesh Nayak Jashpur (Cg) www.mukeshnk60@gmail.com

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