
आश्रम में मासूम की मौत कोई हादसा नहीं, साय सरकार की प्रशासनिक हत्या,विष्णु सरकार पर कांग्रेस का हमला, मुख्यमंत्री जवाब दें कि हॉस्टल में बच्चा मरा या लापरवाह व्यवस्था से हत्या…?
जशपुर :-फरसाबहार ब्लॉक के झारमुण्डा गांव निवासी 9 वर्षीय अमृत साय की सांप के काटने से हुई दर्दनाक मौत पर कांग्रेस ने साय सरकार को सीधे कठघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष विनयशील ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह कोई प्राकृतिक हादसा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार प्रशासनिक व्यवस्था की सीधी हत्या है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को बताना चाहिए कि यह मौत उनकी शिक्षा और आदिवासी कल्याण व्यवस्था की ‘सफलता’ है या नंगा सच ?
विनयशील और कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी अमृत साय के घर पहुंचे और परिजनों से मिलकर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि अमृत जैसे मासूम बच्चे की मौत का बोझ सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि शासन की आत्मा पर भी होना चाहिए – अगर कोई संवेदना बाकी हो। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि मृतक के परिजनों को कम से कम 20 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए और हॉस्टल अधीक्षक सहित जिम्मेदार अधिकारियों पर हत्या के अपराध में कार्रवाई की जाए।
घटना की गंभीरता बताते हुए विनयशील ने कहा कि अमृत साय इसी वर्ष तीसरी कक्षा में बगिया आश्रम छात्रावास में भर्ती हुआ था। घटना की रात जब वह सो रहा था, तब उसे सांप ने काट लिया। हॉस्टल में न मच्छरदानी थी, न निगरानी, न सुरक्षा की कोई व्यवस्था। आश्रम से ज़ब उपचार के लिए लाया गया तब बच्चा खुद चलकर अस्पताल पहुंचा पर सुबह 5 बजे अमृत की मौत हो गई।
विनयशील ने बताया कि अमृत अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था। पिता नंदकिशोर साय खुद शारीरिक रूप से अशक्त हैं। ऐसे में परिवार का सब कुछ उजड़ गया है। उन्होंने कहा “जिस छात्रावास को आदिवासी बच्चों का भविष्य संवारने के लिए खोला गया था, वहीं अब बच्चों की कब्रगाह बन रहा है।”
कांग्रेस के फरसाबहार ब्लॉक अध्यक्ष निरंजन ताम्रकार ने बताया कि अगर कांग्रेस ने इस मामले में आवाज न उठाई होती, तो साय सरकार और प्रशासन अब तक पूरी तरह चुप बैठा रहता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बैक डेट में कार्रवाई दिखाकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की शर्मनाक कोशिश की है।
इस दौरान परिजनों से मिलने पहुंचे नेताओं में नगर अध्यक्ष विनयशील, ब्लॉक अध्यक्ष निरंजन ताम्रकार, सहस्त्रांशु पाठक (ब्लॉक अध्यक्ष, जशपुर), दीपक केरकेट्टा (नगर पंचायत उपाध्यक्ष), नीरज पारीक (आईटी सेल जिला अध्यक्ष), मनमोहन भगत (ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष), जयंत लाकड़ा (जिला महासचिव, यूथ कांग्रेस), एमडी इरफान (आईटी सेल महासचिव), सचिन बंग, चंद्रशेखर चौहान, मेहुल जैन और किसन सिंह मौजूद थे।
सभी नेताओं ने मृतक के पिता से मुलाकात कर ढाढ़स बंधाया और शासन के इस अमानवीय रवैये के खिलाफ आगामी दिनों में बड़ा जनांदोलन छेड़ने का संकेत दिया। कांग्रेस ने साफ किया कि अब मुआवजा मांग भर नहीं, बल्कि जवाबदेही और कार्रवाई की लड़ाई होगी।
Views: 0




