
CG Mirror News
जशपुर पवित्र सावन माह में सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। तस्वीर में वन विभाग के कर्मचारी वर्दी में विशालकाय नाग की प्रतिमा तस्वीर में एक कर्मचारी का पैर/जूता नाग की प्रतिमा के शरीर के ऊपर रखा हुआ दिखाई दे रहा है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद धार्मिक आस्था और सरकारी कर्मचारी की मर्यादा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हिंदू धार्मिक परंपराओं में नाग को नाग देवता के रूप में पूजनीय माना जाता है। सावन माह में नाग पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। सावन में नाग कि प्रतिमा पर जूता पहन कर रखकर खिंचवाई गई तस्वीर को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी की चर्चा है । लोगों का कहना है कि, धार्मिक प्रतीक और प्रतिमा के साथ इस तरह का व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।
मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि तस्वीर में नजर आ रहे व्यक्ति वन विभाग के कर्मचारी नरेश कुजूर बताए जा रहे हैं और सरकारी वर्दी में दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या सरकारी वर्दी में किसी धार्मिक प्रतिमा के साथ इस तरह फोटो खिंचवाना विभागीय मर्यादा के अनुरूप है
सावन जैसे धार्मिक अवसर पर सामने आई इस तस्वीर ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है क्या धार्मिक आस्था से जुड़े नाग स्वरूप के साथ जूता पहनकर इस तरह फोटो खिंचवाना उचित है और क्या सरकारी वर्दी में इस तरह की तस्वीर सार्वजनिक करना विभागीय आचरण और वर्दी की गरिमा के अनुरूप है।
वही बगल में एक वर्दी पहन के खडे हैँ ओ अरविन्द साय जो कि ओ भी वनकर्मी हैँ। आप को बता दें कि जीनके प्रतिमा पर जूता पहन के पैर रखा गया है वह हिन्दू आस्था के लिए गलत संदेश जा रहा है आप को बता दें कि 17 अगस्त को नागपंचमी है और हिन्दूआस्था के रूप में उस दींन नाग के प्रतिमा कि पूजा कि जाति है।
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