
*✒️आर्यन शर्मा*
मझगवाँ|कस्बे का सबसे बड़ा जल स्रोत पौराणिक तालाब इन दिनों उस पर होने वाली मौतों के लिए सुर्खियों में है.विगत 12 मई को 17 वर्षीय बालक की मौत तालाब में डूबने से हो गयी थी तो वही उसके साथी को स्थानीयों की मदत से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था तो वही 15 मई की रात में स्थानीयों ने पुनः पुलिस को सूचना दी की रात के लगभग 10 बजे किसी ने तालाब में छलांग लगाई है,मौके पर पुलिस पहुँचती है और खोज बीन करती है लेकिन पुलिस के हाथ कोई सफलता नही आती तो वही तालाब के देवी घाट से कुछ कपडे पुलिस को मिलते हैं जिन्हें पुलिस अपने साथ ले आती है.
*सारा दिन चली छान बीन लेकिन हाथ नही लगा कुछ!*
पुलिस के सामने दो चुनौतीया सामने थी,एक तो तालाब से डूबे व्यक्ति को बाहर निकालना और दूसरी की कौन व्यक्ति डूबा है उसकी शिनाख्त कर उसके परिजनों तक खबर पहुचवाना.
16 मई की सुबह से मझगवाँ थाना निरीक्षक आदित्य नारायण धुर्वे के नेतृत्व में रेस्क्यू के लिए स्थानीय मछुआरों को बुलाया जाता है लेकिन 5 घंटे की कड़ी मसक्कत के बाद भी मछुआरों को तालाब से किसी भी तरह की सफलता नही मिलती जिसके बाद जिला सतना से एसडीआईआरऍफ़ की टीम के प्रशिक्षित गोताखोरों को बुलाया जाता है.दोपहर 3 बजे से पुनः रेस्क्यू चलाया जाता है लेकिन देर शाम होने तक भी किसी तरह की सफलता पुलिस के हाथ नही लगती.
दूसरी तरफ पुलिस के पास कोई भी ऐसे परिजन नही पहुँचे जिन्होंने गुमसुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई हो.
*पानी में उतराता मिला भीम सिंह का शव!*
17 मई की सुबह तालाब के समीप रहने वाले लोगो ने पुलिस को सूचना दी की पानी में एक शव उतराता देखा जा रहा है जहां मौके में पुलिस बल के साथ निरीक्षक आदित्य नारायण पहुँचते है एवं शव को तालाब से बाहर लाया जाता है.
शव की शिनाख्त के दौरान पता चलता है कि मृत व्यक्ति की पहचान भीम सिंह पिता बलवंत सिंह उम्र 72 वर्ष निवासी ग्राम गोधेपुर जलालपुर नागिन, कानपुर देहात उत्तरप्रदेश के रूप में हुई, जो मझगवां कई वर्षों से रहकर इत्र बेचने का काम करता था.मौके से मृतक के शव को पोस्टमार्टम हेतु मर्चुरी भेजा गया एवं मृतक के परिनजो को सूचित कर बताया गया.
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