
CG Mirror News
जशपुर:- जिले के फरसाबहार क्षेत्र अंतर्गत नागलोक सिंगीबहार में करोड़ों रुपये की लागत से बन रहा विद्युत सब स्टेशन पिछले चार वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। वर्ष 2022-23 में स्वीकृत इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू होने के बाद भी अब तक पूरा नहीं हो सका है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लंबे समय से चल रही देरी और ठेकेदार की लगातार लापरवाही के कारण लोगों को बिजली संबंधी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सब स्टेशन के बन जाने से दर्जनों गांवों को स्थायी और बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सकेगी, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार इस मुद्दे को लेकर विवाद की स्थिति भी बनी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर मामला सुलझाया गया और विरोध करने वाले कुछ लोगों पर कार्रवाई भी की गई। इसके बावजूद ठेकेदार की कार्यशैली में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। निर्माण कार्य से जुड़े अरुण प्रसाद साव ने जानकारी दी कि सब स्टेशन का भवन निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और यह अंतिम चरण में है। हालांकि, अब तक आवश्यक विद्युत उपकरणों की स्थापना और वायरिंग का कार्य पूरा नहीं हो पाया है, जिसके कारण परियोजना शुरू नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर, विद्युत विभाग के उच्च अधिकारियों ने भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठेकेदार को कड़ी फटकार लगाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शेष कार्यों को जल्द से जल्द पूरा कर सबस्टेशन को विभाग को हैंडओवर किया जाए, ताकि बिजली आपूर्ति शुरू की जा सके। गौरतलब है कि क्षेत्र के अन्य स्वीकृत सब स्टेशनों से बिजली सप्लाई पहले ही चालू हो चुकी है, लेकिन सिंगीबहार का सब स्टेशन अब तक अधूरा रहने से स्थानीय लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। बार-बार की देरी के कारण ग्रामीणों को लो-वोल्टेज, कटौती और अनियमित बिजली जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही निर्माण कार्य पूरा कर सब स्टेशन चालू नहीं किया गया, तो वे चक्काजाम एवं सड़क पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने धरना-प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है और कहा है कि अब वे किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पूरे मामले ने ठेकेदारी व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। करोड़ों की लागत से बनने वाली इस महत्वपूर्ण परियोजना में हो रही देरी से न केवल सरकारी संसाधनों का नुकसान हो रहा है, बल्कि आम जनता को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अब देखना होगा कि विभागीय सख्ती के बाद यह कार्य कब तक पूरा होता है और क्षेत्र के लोगों को बहुप्रतीक्षित राहत मिल पाती है या नहीं।
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