
CG Mirror News
जशपुर। जिले में पिछले कई दिनों से पड़ रही कड़ाके की ठंड और लगातार चल रही शीतलहर ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। खासकर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। सुबह के समय तापमान में भारी गिरावट के कारण बच्चे समय पर उठ नहीं पा रहे हैं, जिससे स्कूल जाने की दिनचर्या पूरी तरह बिगड़ गई है।
सुबह-सुबह घना कोहरा और बर्फीली हवाओं के कारण घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। छोटे बच्चे ठंड से बचने के लिए रजाई और कंबल छोड़ने को तैयार नहीं हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को जगाना और तैयार करना रोज़ एक बड़ी चुनौती बन गया है। कई माता-पिता बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि ठंड के चलते सर्दी, खांसी और बुखार जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
स्कूल जाने वाले बच्चों को ठिठुरते हुए बस स्टॉप या पैदल स्कूल तक जाना पड़ रहा है। खासकर ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी गंभीर है, जहां खुले वाहनों से बच्चों को स्कूल जाना पड़ता है। अभिभावकों का कहना है कि इतनी ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना मजबूरी बन गई है, लेकिन सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता बनी रहती है।
शिक्षकों के अनुसार, ठंड का असर स्कूलों की उपस्थिति पर भी साफ दिखाई दे रहा है। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या पहले के मुकाबले कम हो गई है। वहीं, कुछ अभिभावक जिला प्रशासन से स्कूलों के समय में बदलाव या कुछ दिनों के अवकाश की मांग कर रहे हैं, ताकि बच्चों को शीतलहर से राहत मिल सके।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में प्रशासन और शिक्षा विभाग से उम्मीद की जा रही है कि बच्चों के हित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। तब तक अभिभावकों को सलाह दी जा रही है कि बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें और उनके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।
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