
डीजल संकट या लूट ? रात के अंधेरे में ₹120 लीटर बिक रहा डीजल , किसानों की जेब पर डाका ! ₹103 का डीजल ₹120 में बेचने वालों पर क्यों मेहरबान है सिस्टम?
जशपुर :- नागलोक क्षेत्र में एक ओर डीजल-पेट्रोल के लिए मारामारी मची हुई है, वहीं दूसरी ओर कुछ पेट्रोल पंप संचालकों पर संकट को अवसर बनाकर कालाबाजारी करने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इनकी मानें तो , जहां डीजल की निर्धारित कीमत करीब ₹103 प्रति लीटर है, वहीं रात के अंधेरे में इसे ₹ 120 प्रति लीटर तक बेचने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।
आरोप है कि दिन में आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल नहीं होने या सीमित मात्रा में उपलब्ध होने की बात कहकर टरकाया जा रहा है। कार चालकों को मात्र ₹ 500 का ईंधन दिया जा रहा है, जबकि रात होते ही चुनिंदा लोगों को ऊंचे दामों पर बेखौफ बिक्री की जा रही है। सूत्रों का यह भी दावा है कि कुछ बस संचालकों के पास अपने पंप होने के कारण वे ईंधन को केवल अपने वाहनों तक सीमित रख रहे हैं, जिससे आम लोगों और किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। सबसे ज्यादा शिकायतें तपकरा क्षेत्र से सामने आ रही हैं। सोशल मीडिया पर भी डीजल-पेट्रोल संकट और कथित कालाबाजारी को लेकर लगातार पोस्ट, वीडियो और रील वायरल हो रहे हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। सबसे ज्यादा मार किसानों पर पड़ रही है। सवाल यह है कि जो किसान खेतों में काम करने के लिए सैकड़ों रुपये का डीजल जला रहा है, उसे जरूरत पड़ने पर महंगे दामों में डीजल खरीदने को मजबूर होना पड़े, तो यह व्यवस्था आखिर किसके हित में है? जनता पूछ रही है कि यदि खुलेआम कालाबाजारी की चर्चा हो रही है, सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हो रहे हैं, तो फिर प्रशासन और संबंधित विभाग की निगरानी व्यवस्था कहां है? आखिर कब तक आम लोग ईंधन संकट और मनमानी कीमतों का बोझ उठाते रहेंगे?
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