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बड़ी सौगात: हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी में उन्नयन, अब 11वीं-12वीं की पढ़ाई होगी स्थानीय स्तर पर ब्लॉक मुख्यालय मे... पढ़ें पूरी खबर 

 


 बड़ी सौगात: हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी में उन्नयन, अब 11वीं-12वीं की पढ़ाई होगी स्थानीय स्तर पर ब्लॉक मुख्यालय मे । 

फरसाबहार (जशपुर)। विकासखंड मुख्यालय फरसाबहार की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित मांग आखिरकार पूरी हो गई है। फरसाबहार स्थित हाई स्कूल को अब हायर सेकेंडरी स्कूल के रूप में उन्नत कर दिया गया है। इस महत्वपूर्ण घोषणा को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वीकृति प्रदान कर क्षेत्रवासियों को एक बड़ी राहत दी है।

अब तक यह स्थिति रही है कि ब्लॉक मुख्यालय जैसे महत्त्वपूर्ण स्थान पर भी 11वीं और 12वीं कक्षाओं की पढ़ाई की सुविधा नहीं थी। इसके चलते यहाँ के विद्यार्थियों को उच्च कक्षा की पढ़ाई के लिए आसपास के अन्य कस्बों या दूरदराज के स्थानों की ओर रुख करना पड़ता था, जिससे उन्हें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

लेकिन अब मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद न केवल स्थानीय छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि उनके अभिभावकों की चिंताएं भी कम होंगी। फरसाबहार में हायर सेकेंडरी की पढ़ाई शुरू होने से छात्राओं की शिक्षा विशेष रूप से सुरक्षित और सुलभ होगी, जिससे क्षेत्र में बालिका शिक्षा को नया आयाम मिलेगा।

मुख्यमंत्री के निर्णय पर क्षेत्रवासियों ने जताया आभार

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के इस जनहितकारी फैसले पर फरसाबहार क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और पालकों ने हर्ष जताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने एक ऐसी बुनियादी जरूरत को समझा, जो वर्षों से अनदेखी हो रही थी।

स्थानीय लोगों ने कहा कि हाई स्कूल का हायर सेकेंडरी में उन्नयन न केवल एक स्कूल को लेकर लिया गया फैसला है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

अब शिक्षा के साथ विकास की भी नई राह खुलेगी

हायर सेकेंडरी स्कूल की स्वीकृति के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार ग्राम्य और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में शिक्षा को लेकर गंभीर है। इससे आने वाले समय में अन्य शैक्षणिक और अधोसंरचनात्मक विकास को भी गति मिलेगी।

फरसाबहार जैसे ब्लॉक मुख्यालय में यह सुविधा होना न केवल समय की मांग थी, बल्कि सामाजिक समानता और शैक्षणिक अधिकारों का भी सवाल था, जिसे अब साकार रूप मिल गया है।


 

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