
जशपुर। गांझियाडीह धान खरीदी केंद्र में अनियमितताओं, मनमानी और किसानों के साथ लगातार हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ क्षेत्र के किसानों ने स्थित सीएम कैंप कार्यालय बगिया में पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। किसानों ने फड़ प्रभारी कमल यादव को तत्काल पद से हटाने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग रखी है।
किसानों द्वारा सौंपे गए आवेदन में बताया गया कि केंद्र में धान तौल के दौरान गलत तौल और बोरा कटौती की जाती है, जिससे किसानों को सीधे आर्थिक नुकसान होता है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि फड़ प्रभारी द्वारा अपमानजनक व्यवहार और दबाव बनाकर काम कराया जाता है। किसानों के अनुसार निर्धारित दर से अधिक डीईओ रेट लेकर अवैध वसूली की गई, जो नियमों के विपरीत है।
विभागीय जांच में फड़ प्रभारी की भूमिका पर लगभग 2.92 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता सामने आने का उल्लेख भी किसानों ने ज्ञापन में किया है। किसानों का कहना है कि कई कि, किसानों की ग्रीष्मकालीन धान खरीदी को 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदा गया, लेकिन विभागीय रिकॉर्ड में उसे शून्य (ZERO) दर्शाया गया। इस कारण किसानों को आज तक उनका भुगतान नहीं मिल पाया है। जिससे किसानों के हक का सीधे हनन है एवं ठगी है जिसका भुगतान आज तक नहीं हो सका है।
सरकार द्वारा प्रदेश भर में 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू की गई है, लेकिन गांझियाडीह केंद्र में स्थिति इसके ठीक उलट है। किसानों का कहना है कि खरीदी केंद्र में अब तक एक भी किसान का धान नहीं खरीदा गया। किसान जब धान की नमी जांच कराने केंद्र पहुंचे तो केंद्र पर ताला बंद मिला। काफी देर बाद कर्मचारी पहुंचा, तब तक किसान भटकते रहे और उन्हें खरीदी प्रक्रिया के प्रति विश्वास कम होता गया।
किसानों ने मुख्यमंत्री से यह मांग की है कि फड़ प्रभारी कमल यादव को तुरंत हटाकर पारदर्शी खरीदी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही आगामी सीजन के लिए एक निष्पक्ष और जिम्मेदार प्रभारी की नियुक्ति की जाए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। किसानों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कार्यालय मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए जल्द हस्तक्षेप करेगा और उन्हें न्याय दिलाएगा।
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