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जशपुर :- छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ जिला शाखा जशपुर की महत्वपूर्ण बैठक रविवार को चटकपुर (दुलदुला) में आयोजित की गई, जिसमें संगठन की मजबूती, कर्मचारियों की समस्याओं, विभागीय दबाव और मनमाने स्थानांतरण जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में जिला शाखा के समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, ब्लॉक सचिव, जिला कार्यकारिणी सदस्य तथा प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्यों ने भाग लिया और कर्मचारी हितों की रक्षा के लिए एकजुटता का संदेश दिया।
बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने वन कर्मचारियों के समक्ष आने वाली व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। साथ ही विभागीय कार्यों में बढ़ते दबाव, कार्यस्थल पर उत्पन्न चुनौतियों तथा कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर सरगुजा संभागीय सचिव अविनाश शर्मा ने कहा कि सभी कर्मचारियों को एकजुट होकर कार्य करना चाहिए तथा अपने वरिष्ठ अधिकारियों का सम्मान बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि सम्मान और अनुशासन के साथ-साथ कर्मचारियों को अपने स्वाभिमान एवं अधिकारों की रक्षा के प्रति भी जागरूक रहना होगा। संगठन की एकता ही कर्मचारियों की सबसे बड़ी ताकत है, जिसके बल पर हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नंदकुमार यादव ने संगठन की शक्ति और एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ प्रदेशभर के 12 हजार से अधिक कर्मचारियों का मजबूत मंच है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों को किसी भी प्रकार के दबाव, भय या मानसिक तनाव में आने की आवश्यकता नहीं है। संगठन हर परिस्थिति में अपने सदस्यों के साथ खड़ा रहेगा।
उन्होंने कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। साथ ही यह भी कहा कि यदि किसी कर्मचारी पर अनैतिक कार्यों के लिए दबाव बनाया जाता है या उसके साथ अन्याय होता है, तो वन कर्मचारी संघ उसके समर्थन में मजबूती से खड़ा रहेगा और न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
बैठक के अंत में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान हेतु सामूहिक प्रयास करने तथा कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर संगठित होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया गया। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि “एकता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है और यही शक्ति कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा का आधार बनेगी।”
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