
CG Mirror News
जशपुर । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 3 करोड़ 12 लाख रुपये की लागत से निर्मित सिंगीबहार बैरियर से अबीरा पहुंच मार्ग का निर्माण पूरा होते ही सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस सड़क को वर्षों तक ग्रामीणों के लिए बेहतर आवागमन का माध्यम बनना था, वह निर्माण समाप्त होने के कुछ ही समय बाद कई स्थानों पर टूटने लगी है।
इससे निर्माण कार्य में गुणवत्ता की अनदेखी और अमानक सामग्री के उपयोग की आशंका गहरा गई है । 3 करोड़ 12 लाख के लागत से बनी प्रधानमंत्री सड़क निर्माण पर अनियमित्ता और भ्रष्टाचार का आरोप है। आप को बता दें सड़क पर भारी वाहनों का दबाव पड़ते ही डामर की परत जगह-जगह से उखड़ने लगी है । पुल के पास बना एप्रोच रोड भी क्षतिग्रस्त हो चुका है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं सड़क के दोनों ओर बनाए गए साइड सोल्डर में केवल मिट्टी और मुरूम डालकर छोड़ दिया गया। नियमानुसार रोलर से दबाई नहीं किए जाने के कारण बारिश में पूरा सोल्डर कीचड़ में बदल गया है।
ऐसे में वाहन साइड लेने के दौरान धंस रहे हैं और दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर बारिश के कारण मिट्टी बह गई है और सड़क की परतें दिखाई देने लगी हैं। निर्माण कार्य पूरा हुए 3 माह भी ठीक से नहीं बीता है, लेकिन सड़क की यह हालत लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद गुणवत्ता से समझौता किया गया है। ग्रामीणों के लाख दखल बाद भी विभाग के अधिकारी कर्मचारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा और आखिर सड़क बत्त से बत्तर स्थिति मे है।
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के इस निर्माण की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच , गुणवत्ता परीक्षण तथा दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि, यदि समय रहते मरम्मत और जांच नहीं कराई गई तो आवागमन प्रभावित होने के साथ किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता । अब सबकी नजर इस बात पर है कि संबंधित विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।
विभाग कर रही कार्रवाई के नाम खानापूर्ति ?
यहाँ कोई जवाब देने वाला नहीं सड़क की दुर्दशा पर कार्रवाई होगी या मामला सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगा ?
आखिर क्यों… ऐसे लापरवाह ठीकेदार पर कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों ने बताया की इस सड़क के ठीकेदार पर कार्रवाई नहीं होती है तो रणनीति तैयार कर सड़क पर उतर चक्काजाम एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे । मामले को लेकर गाँव वाले बैठक कर चुके हैँ।
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