E-Paperअंबिकापुरकुनकुरीकोतबाछत्तीसगढ़जशपुरदिल्लीदुल्दुलानारायणपुरपत्थलगाँवफरसाबहारबगियाबगीचामनोरामयाली कुनकुरी जशपुररायगढ़रायपुरलोकल न्यूज़सरगुजा

आखिर “VIP” ईंट के असली आका कौन? प्रशासन की अनदेखी में फल-फूल रहा अवैध बंगला ईंट भट्ठा का कारोबार,हर साल बन रहे करोड़ों ईंट बंद करने पर जनता को होगी परेशानी, जिम्मेदार अधिकारियों का चौंकाने वाला तर्क !

CG Mirror News 

जशपुर । जिले में लाल ईंट के अवैध कारोबार को लेकर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है आखिर नवलोक फरसाबहार क्षेत्र के पमशाला, कंदईबहार, अमडीहा,खुटगाँव सहित आधा दर्जन “VIP” ईंट बंगला भट्ठा संचालित है जो कि MP के रहने वाले व्यक्ति कुम्हार समाज के बाहरी लोगों को रख उनके नाम का गलत फ़ायदा उठा रहें है और आवासी निर्माण के आड़ में करोड़ो ईंट बनाये जा रहे हैं आखिर इसके पीछे असली आका कौन है ।

सभी नियमों को ताक में रख कर वर्षों से बंगला ईंट भट्ठों का संचालन खुलेआम जारी है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल प्रशासन द्वारा सिर्फ औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं। इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि,जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ही इन भट्ठों के संचालन को लेकर ऐसा तर्क दिया जा रहा है, जिसने प्रशासनिक भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं । स्थानीय स्तर पर “VIP” ब्रांड की मुहर लगाकर लाल ईंटों की बिक्री धड़ल्ले से किए जाने की जानकारी सामने आई है । आरोप है कि यहाँ  घर के लिए बिजली  कनेक्शन लगवा कर अवैध कारोबार में विद्युत उपयोग किया जा रहा है जिसमे मीटर भी बंद पड़ा है वही जंगल से अवैध लकड़ी कि कटाई कर आग लगाने में उपयोग किया जा रहा है अवैध कोयला भण्डारण है वही पंचायत एवं ग्राम सभा की अनुमति के बिना ही व्यावसायिक स्तर पर बंगला ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है ।

नियमों के मुताबिक इस प्रकार के किसी भी भट्ठे के संचालन के लिए स्थानीय निकायों से वैधानिक अनुमति अनिवार्य होती है, किंतु संबंधित सभी पंचायतों के सरपंच / सचिव के पास ऐसे किसी भी संचालन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं । ग्राम पंचायत अमडीहा, पगुराबहार कंदईबहार, धौरासांड, के सरपंच /सचिव का कहना है कि, उनके अभिलेखों में संचालित बंगला ईंट भट्ठों के संबंध में कोई भी वैध स्वीकृति दर्ज नहीं है। इसके बावजूद बीते कई वर्षों से इनका संचालन जारी है, जिससे यह आशंका हो रही है कि, अवैध कारोबार पूरी तरह से नियमों की अनदेखी कर संचालित किया जा रहा है । और इसके एवज मोटी कमीशन का खेल चल रहा है मामले को लेकर एक और गंभीर पहलू सामने आया है । सूत्रों के अनुसार, जब संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से इन बंगला ईंट भट्ठा के विरुद्ध कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाती है, तो यह तर्क दिया जाता है कि यदि बंगला ईंट भट्ठों को बंद करा दिया गया, तो आम जनता को निर्माण कार्यों में भारी समस्या का सामना करना पड़ेगा। इतना ही नहीं , यह भी कहा जाता है कि ऐसे में चिमनी ईंट निर्माताओं द्वारा ईंटों के दामों में भारी वृद्धि कर दी जाएगी, जिससे बाजार में ईंटों की कीमतें आसमान छूने लगेंगी। अधिकारियों का यह तर्क अब कई सवालों को जन्म दे रहा है । यदि कोई गतिविधि अवैध है, तो उसे केवल इस आधार पर जारी रहने देना कि उससे बाजार संतुलित बना हुआ है, क्या नियमानुसार उचित है क्या अवैध संचालन को अप्रत्यक्ष रूप से संरक्षण दिया जा रहा है ऐसे कई प्रश्न अब स्थानीय नागरिकों के बीच चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं ।

जानकारों का यह भी कहना है कि, क्षेत्र में कोयले के अवैध भंडारण की गतिविधियां भी संचालित होने की सूचना समय-समय पर सामने आती रही हैं । पर्यावरण से जुड़े लोगों का मानना है कि, बिना किसी नियामक नियंत्रण के संचालित हो रहे भट्ठे क्षेत्रीय पर्यावरण के लिए भी खतरा बन सकते हैं, लेकिन दबाव एवं भय के कारण लोग खुलकर अपनी बात रखने से बच रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का दावा है कि, जांच के नाम पर संबंधित विभाग के अधिकारी प्रतिवर्ष क्षेत्र का दौरा करते हैं, किंतु कार्रवाई सीमित रूप से चालान तक सिमट जाती है। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि गतिविधियां अवैध हैं, तो उन्हें केवल आर्थिक दंड लगाकर संचालित रहने देना किस हद तक न्यायसंगत है। वर्तमान स्थिति में यह पूरा मामला प्रशासनिक जवाबदेही की कसौटी बनता जा रहा है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इन कथित अवैध बंगला ईंट भट्ठों के विरुद्ध कोई ठोस एवं निर्णायक कार्रवाई करते हैं या फिर कार्रवाई के नाम पर औपचारिकता का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा। सबसे बड़ा सवाल अब भी कायम है “VIP” ईंट के असली आका आखिर हैं कौन जो वर्षो से संचालक को संरक्षित किये हुए हैं। अब देखना होगा कि VIP यूँ ही जारी रहेगा या प्रशासन ईन पर अंकुश लगा कर चिमनी ईंट भट्ठा संचालको को राहत देती है।

वही चिमनी ईंट भट्ठा के संचालको ने कहा कि ऐसे जगह – जगह चना मुर्रे के दुकान जैसे अवैध बंगला भट्ठा संचालित हैं जो कि सही नहीं है हमें लाखो का नुकसान सहना पड़ता है।

Views: 0

Mukesh Nayak

Editer - Mukesh Nayak Jashpur (Cg) www.mukeshnk60@gmail.com

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker