
प्रयास विद्यालय में छात्राओं की आवाज़ दबाने पर भड़के पूर्व विधायक यू. डी. बोले: CM के गृह ज़िले में बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, जिम्मेदार अफसरों पर हो सख्त कार्रवाई
जशपुर। जिले के प्रयास आवासीय विद्यालय डोड़काचौरा में शिक्षा, भोजन और मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर छात्राओं द्वारा उठाई गई आवाज़ अब राजनीतिक रंग ले चुकी है। इस मुद्दे पर कांग्रेस के पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव यू. डी. मिंज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है और प्रशासन सहित ट्राइबल विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। मिंज ने बुधवार को विद्यालय की छात्राओं द्वारा कलेक्टर कार्यालय में दिए गए धरने को पूरी तरह जायज़ ठहराते हुए कहा, जागरूक छात्राओं ने हवा-हवाई प्रशासन को ज़मीन पर ला दिया है। जिनके लिए योजनाएं बनाई जाती हैं, उन्हीं बच्चों का भविष्य लापरवाह प्रशासन बर्बाद कर रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी है, पढ़ाई ठप है, भोजन व्यवस्था बदहाल है और कंप्यूटर महीनों से खराब पड़े हैं। लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद न तो कलेक्टर, न कोई अधिकारी छात्रों से मिलने आया। उल्टा सहायक आयुक्त और प्रशासन ने पुलिस का सहारा लेकर छात्राओं को स्कूल लौटाया जो बेहद दुर्भाग्यजनक है। पूर्व विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, मुख्यमंत्री का गृह ज़िला शिक्षा के क्षेत्र में बर्बादी की कगार पर है। उनके निकम्मे अधिकारी बच्चों को न भोजन दे पा रहे, न सुरक्षा, न योग्य शिक्षक यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री की नाकामी को उजागर करता है। यू. डी. मिंज ने आरोप लगाया कि प्रयास विद्यालय का टेंडर जिन ठेकेदारों को दिया गया है, वे अयोग्य और बिना बीएड-बीटीआई शिक्षकों से बच्चों को पढ़वा रहे हैं। यह बच्चों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा किऐ से निकम्मे ठेकेदारों का टेंडर तुरंत रद्द होना चाहिए, लेकिन अफसर उन्हें बचा रहे हैं क्योंकि मोटी कमीशन की मलाई सभी तक पहुँच रही है।
उन्होंने ट्राइबल विभाग को “भ्रष्टाचार और दलाली का गढ़” बताते हुए कहा कि यहाँ के अफसर सिर्फ अपनी जेबें भरने में लगे हैं, बच्चों की पढ़ाई और तकलीफों से उनका कोई लेना-देना नहीं है।
यू. डी. मिंज की मुख्य मांगें:
- कलेक्टर, OIC ट्राइबल, सहायक आयुक्त और ठेकेदारों पर कार्रवाई हो
- ठेकेदारी व्यवस्था की समीक्षा हो
- योग्य शिक्षकों की नियुक्ति की जाए
- मुख्यमंत्री इस मुद्दे पर स्पष्टीकरण दें
अगर मुख्यमंत्री में संवेदनशीलता बची है, तो वे तुरंत इस भ्रष्ट सिस्टम पर प्रहार करें। नहीं तो आने वाला वक्त जनता से जवाब लेगा । यू. डी. मिंज
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