
CG Mirror News
जिले के तपकरा, सिंगीबहार और केरसई सहित दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती ने हालात को भयावह बना दिया है। 10 घंटे से अधिक के ब्लैकआउट ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बिगाड़ दी है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक बिजली बिना किसी पूर्व सूचना के काट दी जाती है, जिससे न तो पानी की व्यवस्था हो पाती है और न ही अन्य जरूरी काम। कई गांवों में हालात ऐसे हैं कि लोग गर्मी से बचने के लिए घरों से बाहर खुले में बैठने को मजबूर हैं। तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है, ऐसे में बिजली का गायब रहना लोगों के लिए मुसीबत बन गया है। बिजली विभाग पर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। विभाग की पेट्रोलिंग टीम के दावे के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बिजली की आंख-मिचौली से लोगों में गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह बदहाल स्थिति मुख्यमंत्री के ही विधानसभा क्षेत्र में देखने को मिल रही है। इससे प्रशासन और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपनी समस्याएं कई बार जिम्मेदारों तक पहुंचाई, लेकिन अब तक समाधान नहीं मिला। बिजली संकट ने अब भविष्य की चिंता भी बढ़ा दी है। किसानों की सिंचाई प्रभावित हो रही है, पानी की किल्लत बढ़ रही है और आम जनजीवन ठप पड़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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