
BHU के 105 वें दीक्षांत समारोह में रचा गया इतिहास, अघोराचार्य कीनाराम स्वर्ण पदक और बाबा राजेश्वर राम स्वर्ण पदक के नाम मेधावियों का सम्मान।
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) का 105वां दीक्षांत समारोह स्वतंत्रता भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की गईं। समारोह की विशेष उपलब्धि के रूप में इस वर्ष अघोर परंपरा की चार पीढ़ियों के महान संतों के नाम पर स्थापित स्वर्ण पदक उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रदान किए गए।
दर्शनशास्त्र विभाग के विद्यार्थियों ने इन विशिष्ट पदकों को प्राप्त कर विभाग का नाम रोशन किया। स्नातकोत्तर स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले अभिनव पाण्डेय (एम.ए. दर्शनशास्त्र) को अघोरेश्वर भगवान राम स्वर्ण पदक तथा बाबा गुरुपद संभव राम स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
वहीं स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के लिए अनाहिता सिंह (बी.ए. दर्शनशास्त्र) को अघोराचार्य कीनाराम स्वर्ण पदक और बाबा राजेश्वर राम स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार इन स्वर्ण पदकों की स्थापना अघोर पंथ के महान संतों द्वारा समाज सुधार, मानव सेवा और दार्शनिक चिंतन के क्षेत्र में किए गए योगदान को स्मरण करने के उद्देश्य से की गई है। अघोरेश्वर भगवान राम, कीनाराम बाबा सहित अन्य संतों ने सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए मानवता और सेवा का संदेश दिया, जिसे शैक्षणिक जगत में सम्मान प्रदान किया जाना प्रेरणादायक है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि यह सम्मान विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करेगा, बल्कि काशी की समृद्ध आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा से भी जोड़ने का कार्य करेगा।
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