
सतपुरिया जंगल में हाथियों के दल के बीच फंसा ग्रामीण युवक,आधे घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन से वन विभाग ने बचाई जान।
जशपुर। फरसाबहार के बहुचर्चित सतपुरिया वन क्षेत्र में बीते लगभग 22–25 दिनों से 37 जंगली हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। वन विभाग द्वारा लगातार अलर्ट, मुनादी और सतर्कता बरतने की अपील के बावजूद 10 जनवरी की शाम एक गंभीर और भयावह घटना सामने आई। हालांकि वन विभाग की तत्परता, सूझबूझ और त्वरित समन्वय से एक ग्रामीण की जान बचा ली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम औरीजोर निवासी राजकुमार नाग एवं बबलू नाग शाम करीब 6:30 बजे निजी कार्य से मोटरसाइकिल से पतेबहाल से अपने गांव लौट रहे थे। यह मार्ग हाथी विचरण क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां 37 हाथियों का दल पिछले कई दिनों से सक्रिय है। जैसे ही दोनों महुआडीह जंगल मोड़ के पास पहुंचे,अचानक सामने से मात्र 10 मीटर की दूरी पर तीन हाथी आ गए।
हाथियों को सामने देखकर मोटरसाइकिल चालक घबरा गया और वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। पीछे बैठे राजकुमार नाग ने जान बचाने के लिए बाइक से कूदकर भागने का प्रयास किया, वहीं चालक भी कुछ दूरी पर गिर पड़ा। सड़क किनारे लगे सीपीटी एवं फेंसिंग तार के बीच बबलू नाग घुस गया, जबकि मोटरसाइकिल की लाइट जलती रह गई। हाथी बार-बार पास आते रहे, लेकिन गड्ढे और तार को देखकर उन्होंने पीछा छोड़ दिया। अवसर मिलते ही बबलू नाग जंगल की ओर भागा और जान बचाने के लिए एक पलाश के पेड़ पर चढ़ गया, जहां वह काफी देर तक छिपा रहा।
इधर, किसी तरह जान बचाकर राजकुमार नाग पतेबहाल बस्ती पहुंचा और ग्रामीणों को पूरी घटना की जानकारी दी। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग के गश्ती दल को सूचना दी। मौके पर पहुंचे गश्ती दल को प्रारंभिक तलाश में बबलू नाग का कोई सुराग नहीं मिला।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के स्थानीय प्रभारी नंदकुमार यादव (बीएफओ) ने गश्ती दल को सघन खोज अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसी दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष मुक्तेश्वर साय का फोन प्रभारी को आया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनके गांव का एक ग्रामीण हाथियों के भय से जंगल में फंसा हुआ है। नाम की पुष्टि होने पर स्पष्ट हुआ कि लापता व्यक्ति बबलू नाग ही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए श्री नंदकुमार यादव ने गश्ती वाहन को मौके पर भेजकर तेज सायरन बजाने और आसपास क्षेत्र में लगातार भ्रमण करने के निर्देश दिए, ताकि हाथियों को दूर रखा जा सके। इसके बाद श्री मुक्तेश्वर साय, श्री नंदकुमार यादव, गश्ती दल और बबलू नाग को कॉन्फ्रेंस कॉल पर जोड़ा गया, जहां लगभग आधे घंटे तक हर दिशा, हाथियों की गतिविधि और स्थिति पर लगातार संवाद बना रहा। बबलू नाग ने फोन पर बताया कि वह सुरक्षित है और पेड़ पर चढ़ा हुआ है। गश्ती दल द्वारा लगातार सायरन बजाने से हाथियों का झुंड धीरे-धीरे जंगल के भीतर दूर चला गया। स्थिति सामान्य होने पर बबलू नाग पेड़ से नीचे उतरा और सुरक्षित रूप से गश्ती वाहन तक पहुंचाया गया। इस प्रकार वन विभाग की सतर्कता, त्वरित निर्णय और मानवीय संवेदनशीलता से एक बड़ा हादसा टल गया। अंत में भाजपा मंडल अध्यक्ष मुक्तेश्वर साय ने वन विभाग के स्थानीय प्रभारी श्री नंदकुमार यादव एवं गश्ती दल के सदस्यों की कार्यकुशलता, साहस और मानवीय दृष्टिकोण की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सजगता और समर्पण से कार्य करने की अपील की।
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