
स्कूल खुलते ही हेडमास्टर नदारद: शिक्षा अधिकारी ने की सख्त कार्यवाही की बात, अधिनियम के तहत जांच की तैयारी
जशपुर/बगीचा। छत्तीसगढ़ सरकार जहां एक ओर ग्रामीण अंचलों में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, वहीं कुछ शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला बगीचा विकासखण्ड के प्राथमिक शाला कलिया से सामने आया है, जहाँ गर्मी छुट्टी के बाद स्कूल खुलने के दूसरे दिन ही प्रधानपाठक संदीप एक्का बिना किसी पूर्व सूचना के स्कूल से अनुपस्थित पाए गए।
विद्यालय खुलने के बाद बच्चों की उपस्थिति के बावजूद विद्यालय के मुखिया की अनुपस्थिति ने न केवल छात्रों के शिक्षण कार्य को प्रभावित किया, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों व अभिभावकों में भी गहरा रोष उत्पन्न कर दिया है। अभिभावकों ने कहा कि यदि शिक्षक ही समय का पालन न करें, तो बच्चों में अनुशासन व शिक्षा के प्रति गंभीरता कैसे विकसित होगी?
शिक्षा अधिकारी ने कही कड़ी कार्यवाही की बात
विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, बगीचा ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा:
“बिना सूचना के अनुपस्थित रहना छत्तीसगढ़ विद्यालय शिक्षा नियम, 2002 की धारा-28 के तहत गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। संबंधित प्रधानपाठक के विरुद्ध जांच उपरांत नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा है कि सरकारी विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे और शिक्षक अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें।
ग्रामीणों ने की ठोस कार्यवाही की मांग
गांव के नागरिकों व पालकों की मांग है कि ऐसे मामलों में सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ना उचित नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमावली 1965 के अंतर्गत सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक यदि समय पर स्कूल नहीं आएंगे, तो न केवल शिक्षा व्यवस्था पर प्रश्न उठते हैं, बल्कि छात्रों का भविष्य भी अधर में लटक जाता है।
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