
cgmirror.com : “कट गए तन, मगर मन नहीं झुका: तपकरा के वृक्ष ने दिया अद्भुत प्रेरणा संदेश”जड़ें अगर मजबूत हों, तो फिर कोई आंधी भी रोक नहीं सकती: नागलोक के वृक्ष से मिली ज़िंदगी की सीख”..क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर
जशपुर:- यह कोई आम पेड़ नहीं, बल्कि एक ज़िंदा प्रेरणा है। फरसाबहार के तपकरा स्थित शिशु मंदिर स्कूल परिसर में खड़ा यह वृक्ष, जिसे चारों ओर से काट दिया गया है, आज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी तस्वीर को पर्यावरण प्रेमी धीरज थेबडिया ने सोशल मीडिया पर साझा किया, जो अब सैकड़ों लोगों को एक गहरा संदेश दे रही है।
शाखाएं कटीं, फिर भी खड़ा है यह पेड़
इस पेड़ को देखकर लगता है मानो इसे खत्म करने की पूरी कोशिश की गई हो — हर शाखा काट दी गई, हर दिशा से इसे रोका गया। लेकिन उसकी जड़ें आज भी ज़िंदा हैं और उससे फिर से नई कोपलें फूट रही हैं।
प्रकृति दे रही इंसानों को प्रेरणा
यह वृक्ष उन सभी लोगों के लिए एक संदेश है जो जीवन में मुश्किलों से घबराते हैं या जिन्हें बार-बार नीचे गिराने की कोशिश की जाती है। यह बताता है कि अगर किसी में आत्मबल, धैर्य और लगातार बढ़ने की इच्छा हो — तो दुनिया की कोई ताकत उसे रोक नहीं सकती।
पर्यावरण प्रेमी धीरज थेबडिया की पोस्ट बनी प्रेरणा
सोशल मीडिया पर धीरू थेबढ़िया द्वारा पोस्ट की गई यह तस्वीर अब सैकड़ों लोगों को प्रेरणा दे रही है। उन्होंने इस पेड़ की तुलना एक ऐसे इंसान से की है जिसे बार-बार रोका गया, लेकिन जिसने कभी हार नहीं मानी।
पेड़ बचाओ, जीवन सजाओ
यह वृक्ष सिर्फ जीवन का पाठ नहीं पढ़ा रहा, बल्कि एक पर्यावरणीय चेतावनी भी दे रहा है —
“कृपा कर वृक्ष न काटें, बल्कि वृक्ष लगाएं।”
एक पेड़, एक सीख
- किसी को गिराने से पहले सोचें,
- किसी की तरक्की रोकने के बजाय उसका साथ दें,
- और सबसे जरूरी — पेड़ों को न काटें, उन्हें जीवन दीजिए।
वृक्ष लगाओ, जीवन बचाओ।
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