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जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के जैजैपुर से कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू किसान से 42 लाख 78 हजार रुपये की धोखाधड़ी के मामले में आखिरकार जेल पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक मिलने के बावजूद निचली अदालत में राहत नहीं मिली और चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) प्रवीण मिश्रा की अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए विधायक बालेश्वर साहू पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंचे थे। हाईकोर्ट ने 4 नवंबर 2025 को आदेश जारी कर पुलिस को विधायक की गिरफ्तारी से रोका था। साथ ही निर्देश दिया था कि विधायक जांच में सहयोग करेंगे और चार्जशीट CJM कोर्ट में ही पेश की जाए।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद चांपा पुलिस ने 7 जनवरी 2026 को विधायक बालेश्वर साहू को नोटिस जारी किया और 9 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा। तय तिथि पर विधायक जांजगीर-चांपा स्थित CJM प्रवीण मिश्रा की अदालत में पेश हुए।
सुनवाई के दौरान विधायक की ओर से जमानत की मांग की गई, लेकिन अदालत ने गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी और विधायक को 22 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
ब्लैंक चेक से निकाली गई पूरी रकम
पुलिस के अनुसार, कांग्रेस विधायक बालेश्वर साहू ने अपने सहयोगी गौतम राठौर के साथ मिलकर किसान राजकुमार शर्मा (46) के नाम पर 42.78 लाख रुपये का लोन पास कराया। इसके बाद किसान से 10 ब्लैंक चेक ले लिए गए। आरोप है कि इन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर कर अलग-अलग किस्तों में पूरी राशि निकाल ली गई।
चार्जशीट दाखिल, सहयोगी जमानत पर
पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर 9 जनवरी को चार्जशीट कोर्ट में पेश की। फिलहाल विधायक बालेश्वर साहू जेल में हैं, जबकि उनका सहयोगी गौतम राठौर जमानत पर बाहर है।
यह मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने इसे किसानों के साथ बड़ा विश्वासघात बताया है।
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