
Cg Mirror News
www.cgmirror.com
जशपुर। धान खरीदी व्यवस्था में फैली अव्यवस्था, नमी के नाम पर कटौती, अवैध वसूली और किसानों से हो रहे दुर्व्यवहार के विरोध में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शुक्रवार को जशपुर जिले के सभी 46 धान खरीदी केंद्रों पर एक साथ जोरदार प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस जिला-व्यापी आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष यू.डी. मिंज ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसान अपनी ही उपज बेचने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा, “सरकार को किसानों की उपज का दाना-दाना खरीदना होगा। टोकन, संशोधन और मनमानी कटौती ने किसानों को तोड़ दिया है।” मुख्यमंत्री के जिले में ही नियमों की अनदेखी पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज सागर ने कहा कि मुख्यमंत्री के जिले में ही 40.680 किलोग्राम मानक तौल की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। नमी के नाम पर अवैध वसूली और बिचौलियों के माध्यम से धान खरीदी से किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विरोध करने पर किसानों से अभद्रता की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन प्रशासन मौन साधे हुए है। भाजपा सरकार पर किसान विरोधी होने का आरोप पूर्व विधायक विनय भगत ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को योजनाबद्ध तरीके से परेशान कर रही है, जिसे कांग्रेस कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं प्रदेश कांग्रेस महामंत्री श्रीमती आरती सिंह ने कहा कि सरकार अपने चुनावी वादों से पीछे हट रही है और किसान विरोधी नीतियाँ थोप रही है।
संगठनों की एकजुट ताकत
आंदोलन में वरिष्ठ नेताओं के साथ महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवा दल की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम संयोजक रत्ना पैंकरा और युवा कांग्रेस संयोजक रवि शर्मा सहित सभी प्रभारी पदाधिकारियों ने आंदोलन को सफल बनाया।
कांग्रेस की साफ मांगें
• वारदाना सहित 40.680 किलो मानक तौल तत्काल लागू हो
• बिचौलियों से धान खरीदी पर पूर्ण प्रतिबंध लगे
• संदिग्ध राइस मिलों पर सख्त निगरानी हो
• किसानों से दुर्व्यवहार करने वालों पर कार्रवाई हो
• नमी के नाम पर अवैध वसूली बंद की जाए
• 22 दिसंबर 2025 के ज्ञापन पर त्वरित कार्रवाई हो
संघर्ष जारी रहने की चेतावनी
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संघर्ष और तेज किया जाएगा। पार्टी ने कहा कि अन्नदाता के सम्मान और अधिकार की लड़ाई अंतिम समाधान तक जारी रहेगी।
Views: 0




