
CG Mirror News
जशपुर :- (कुनकुरी) गाँव की पंचायत क्या अब कानून से ऊपर हो गई है ? ढोढ़ीडांड ग्राम पंचायत में हुई एक घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। पम्प चोरी के आरोप में बुलाए गए एक युवक की संदिग्ध मौत ने पंचायत व्यवस्था और ग्रामीण न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, 7-8 अप्रैल को पंचायत सरपंच श्रीमती कलिस्ता तिर्की एवं ग्रामीणों द्वारा युवक सरपंच के घर के बहार दुकान पर बैठक में बुलाया गया। आरोप है कि, इस दौरान युवक को सार्वजनिक रूप से बैठाकर पूछताछ की गई और उस पर चोरी का दबाव बनाया गया। परिजनों का कहना है कि यह सिर्फ पूछताछ नहीं बल्कि मानसिक प्रताड़ना थी। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें गाँव का निवासी गिरधारी हाथ में लकड़ी लेकर युवक को पीटते हुए दिखाई दे रहा है। यह दृश्य पूरे मामले को और गंभीर बना देता है। आरोप है कि युवक को लगातार अपमानित किया गया, डराया गया और सामाजिक बदनामी का भय दिखाया गया। इसी दबाव और पंचायत के कथित फैसले के बाद युवक ने शर्मा फार्म हाउस में जाकर खुद को मौत के हवाले कर दिया। उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। वही परिजनों ने हत्या कि आशंका जताई जा रही है अब इस मामले में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है
परिजनों का कहना है कि, सिर्फ आरोप लगाने वाले ही नहीं, बल्कि चोरी का पम्प खरीदने वाले और युवक को मारपीट व धमकी देने वाले लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप है कि पूरे घटनाक्रम में कई लोग शामिल हैं, जिन्होंने मिलकर युवक को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने अपनी जान दे दी। परिजनों ने साफ कहा है कि यह सिर्फ आत्महत्या नहीं बल्कि एक तरह से “उकसाकर मौत के मुंह में धकेलने” का मामला है। उन्होंने सरपंच श्रीमती कलिस्ता तिर्की, गिरधारी सहित सभी दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलु से जांच की जा रही है चाहे वह आत्महत्या हो, उकसाने का मामला हो या फिर हत्या की आशंका। सबसे बड़ा सवाल यही है क्या पंचायत को किसी को इस तरह सजा देने का अधिकार है? क्या सामाजिक दबाव और सार्वजनिक अपमान किसी की जान लेने तक पहुंच सकता है? फिलहाल, पूरे मामले में कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो सरपंच, धमकी देने वाले ग्रामीणों और चोरी का पम्प खरीदने वाले सभी लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच में सच्चाई क्या सामने आती है, लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नही न पंचायत, न ही भीड़ का फैसला।
Views: 0




