
छठ पूजा 2025 : चार दिन के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज नहाय-खाय से, छत्तीसगढ़ भर में दिखा आस्था और उत्साह का संगम।
रायपुर : छत्तीसगढ़ में आज से लोकआस्था और सूर्य उपासना का चार दिनी महापर्व छठ पूजा शुरू हो गया है। नहाय-खाय के साथ इस पर्व की विधिवत शुरुआत हुई, जिसमें व्रती महिलाएं और पुरुष घर की शुद्धता और पवित्रता के साथ छठी मईया की आराधना का संकल्प ले रहे हैं। पूरे प्रदेश में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल है।
मूल रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश से आरंभ हुआ यह पर्व अब छत्तीसगढ़ की संस्कृति का अहम हिस्सा बन चुका है। राजधानी रायपुर से लेकर कोरबा, रायगढ़, बिलासपुर, सरगुजा, जशपुर और अन्य जिलों में छठ पूजा की तैयारियां पूरे जोरों पर हैं। नदियों, तालाबों और डेम किनारों पर छठ घाटों की सजावट और साफ-सफाई का कार्य तेजी से जारी है।
आज नहाय-खाय के साथ व्रतियों ने अरवा चावल, लौकी की सब्जी और चने की दाल का सेवन कर पवित्र व्रत की शुरुआत की। कल खरना के साथ व्रत का दूसरा दिन होगा, जब व्रती दिनभर उपवास रखकर शाम को गुड़ और चावल की खीर बनाकर सूर्यदेव को अर्पित करेंगी। खरना के बाद दो दिन का निर्जला उपवास शुरू होगा, जिसमें व्रती जल तक ग्रहण नहीं करते।
27 अक्टूबर की शाम व्रती ढलते सूर्य को अर्घ्य देंगी, वहीं 28 अक्टूबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर छठ पर्व का समापन किया जाएगा। इन दिनों घाटों पर विशेष सजावट, रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है। श्रद्धालु परिवार के साथ छठ गीतों की मधुर धुन पर सूर्यदेव की आराधना में लीन रहेंगे।
पूरे प्रदेश में बाजारों में भी छठ पूजा की रौनक देखने को मिल रही है। सूप, दऊरा, ठेकुआ, नारियल, मौसमी फल और पूजा सामग्री की खरीददारी के लिए भीड़ उमड़ रही है। कई जगहों पर महिलाओं के समूह पारंपरिक गीत गाकर छठ मईया की स्तुति कर रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
छत्तीसगढ़ में अब यह पर्व सिर्फ बिहार या झारखंडी समाज तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रदेश की साझा सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। हर वर्ग के लोग श्रद्धा और भक्ति के साथ इस पर्व में शामिल होकर सामूहिक रूप से सूर्यदेव और छठी मईया की पूजा-अर्चना करते हैं।
जशपुर जिले में छठ पूजा की तैयारियां
जशपुर जिले के साथ-साथ कुनकुरी, फरसाबहार, पंडरीपानी, सिंगीबहार, तपकरा, केरसई, मनोरा, दुल्दुला, बगीचा, कांसाबेल, पत्थलगांव, कोतबा, बागबहार और गंझीयाडीह में भी छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। स्थानीय समाज और समितियों की ओर से घाटों की सफाई, सजावट और रोशनी का काम किया जा रहा है। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से छठ घाटों को सजा दिया है ताकि अर्घ्य देने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
पूरे जशपुर अंचल में छठ मईया के गीतों और भक्ति स्वर से वातावरण गूंज उठा है। श्रद्धा, आस्था और परंपरा का यह महापर्व अब सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिकता का प्रतीक बन चुका है।
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