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जशपुर। श्रीमद् पंचखंड पीठाधीश्वर आचार्य स्वामी श्री सोमेंद्र जी महाराज इन दिनों राष्ट्रव्यापी गो-सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ प्रवास पर हैं। इसी क्रम में उन्होंने जशपुर जिले के पत्थलगांव में आयोजित एक भव्य समारोह को संबोधित करते हुए गौ-संरक्षण के लिए जनजागरण का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय जनसमुदाय उपस्थित रहा।
अपने संबोधन में आचार्य श्री सोमेंद्र जी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौमाता का विशेष स्थान है और गौ-संरक्षण केवल धार्मिक आस्था ही नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से आह्वान किया कि सभी लोग गौ-रक्षा और गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक बनें तथा इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने बताया कि गो-सम्मान आह्वान अभियान के तहत आगामी 27 अप्रैल को तहसील कार्यालयों में बड़ी संख्या में एकत्र होकर गौ-रक्षा के समर्थन में देश के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान आचार्य श्री ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उपस्थित महिलाओं को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने अपने संबोधन में सनातन धर्म में नारी शक्ति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, करुणा और सृजन का प्रतीक माना गया है। समाज के निर्माण और संस्कारों के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। गौरतलब है कि आचार्य स्वामी सोमेंद्र जी महाराज की 02 मार्च 2026 को राजधानी रायपुर में आयोजित सम्मेलन में भी विशिष्ट उपस्थिति रही थी। इसके बाद उन्होंने बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार-भाटापारा, जांजगीर-चांपा और कोरबा सहित कई जिलों में जनसभाओं को संबोधित कर गौ-संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक किया। प्रवास के अंतिम चरण में वे जशपुर जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम कर रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 09 मार्च को सुबह 11:30 बजे कांसाबेल तथा शाम 6:30 बजे कुनकुरी में कार्यक्रम आयोजित होंगे। वहीं 10 मार्च को दोपहर 1 बजे तपकरा और शाम 6:30 बजे जशपुरनगर में जनसभा को संबोधित करेंगे। आयोजकों ने इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की है।
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