
सड़क निर्माण में बड़ा झोल : भारी बारिश में घटिया डामरीकरण , सड़क पर दरारें और मोटाई में गड़बड़ी ग्रामीणों का विरोध , विभाग मौन..
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जशपुर : फरसाबहार विकासखंड के बाबूसाबहार से गोलीडीह नदी तक बन रही नई सड़क को लेकर गंभीर निर्माण अनियमितताएं सामने आई हैं। ₹3.82 करोड़ की लागत से बन रही इस सड़क का निर्माण ठेकेदार द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन काम की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े हो गए हैं।
लगातार तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के बीच भी डामरीकरण का कार्य कराया गया, जिससे पूरी तरह गीली सतह पर डामर बिछा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि जैसे ही कार्य हुआ, डामर सड़क पर दरारें आनी शुरू हो गईं।
मोटाई में भी मिली गड़बड़ी, ग्रामीणों ने खुद की माप
स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण की मोटाई को मापा, जो तय मापदंडों से आधा भी नहीं काफ़ी कम पाई गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया कि ठेकेदार और इंजीनियर की मिलीभगत से निर्माण में भारी अनियमितता की जा रही है, जिससे सड़क टिकाऊ नहीं रह पाएगी।
बारिश में डामरीकरण, इंजीनियर ने पहले बचाया फिर मानी गलती
मामले पर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ओपी सिंह ने कहा कि जहां दरारें आई हैं वहां दोबारा डामरीकरण कराया जाएगा। लेकिन जब भारी बारिश में कार्य कराने को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने पहले ठेकेदार का बचाव किया और फिर दबे स्वर में स्वीकार किया कि “एएएमएमएस में बरसात में डामरीकरण किया जा सकता है।”
प्रशासन चुप, ग्रामीणों की मांग – हो निष्पक्ष जांच
ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहले भी इस कार्य की शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब सड़क बनते ही दरारें आ गईं और मोटाई भी कम है, तो जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से मांग की गई है कि कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
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