
शाही स्नान से लेकर धान खरीदी तक, VIP नगर कुनकुरी में सियासी भूचाल, भाजपा पर संतों के अपमान, किसानों के उत्पीड़न और विकास में भेदभाव के गंभीर आरोप : विनयशील
CG Mirror News
जशपुर। प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने का मामला अब केवल धार्मिक नहीं रहा, बल्कि उसने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मुद्दे को लेकर कुनकुरी में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के करीबी कांग्रेस के विनयशील गुप्ता नगर पंचायत अध्यक्ष कुनकुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। नगर पंचायत अध्यक्ष विनय शील गुप्ता ने इसे संत परंपरा का अपमान बताते हुए भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद वर्षों से लगातार शाही स्नान करते आ रहे हैं, लेकिन पहली बार उन्हें मौनी अमावस्या स्नान इस सदियों पुरानी परंपरा से रोका गया। कांग्रेस का आरोप है कि, मौनी अमावस्या का शाही स्नान वह परंपरा है जिसे न मुगलों ने तोड़ा और न अंग्रेजों ने, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने इसे बाधित कर दिया।
“संतों का अपमान, लोकतंत्र का हनन”
प्रेस वार्ता में कांग्रेस के विनयशील ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शंकराचार्य के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उनके शिष्यों को बाल पकड़कर घसीटा गया और पालकी तक जाने से रोका गया। हालात इतने तनावपूर्ण हो गए कि शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जतानी पड़ी। विनय शील गुप्ता ने कहा कि शंकराचार्य का “अपराध” सिर्फ इतना है कि वे सरकार की नीतियों और कमियों पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
धान खरीदी में किसानों का शोषण:
हाईकोर्ट तक जाएगी लड़ाई
नगर पंचायत अध्यक्ष ने धान खरीदी व्यवस्था को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भौतिक सत्यापन के बाद भी किसानों का रकबा काटा जा रहा है और उन्हें कम टोकन दिए जा रहे हैं। इससे निर्दोष किसान आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हैं।
उन्होंने किसानों से लिखित आवेदन देने की अपील की और कहा कि सभी मामलों को संकलित कर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
विकास कार्यों में भेदभाव:
विनय शील गुप्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस समर्थित पार्षदों के वार्डों में विकास कार्य रोके जा रहे हैं, जबकि लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि भाजपा के केवल 7 वार्डों में ही खर्च की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री के VIP नगर पंचायत में हो रहा है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
जवाबदेही की मांग
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पारदर्शी जांच और कार्रवाई नहीं हुई तो जनआंदोलन किया जाएगा।
अब सवाल यह है कि, क्या सरकार संतों के सम्मान, किसानों के अधिकार और विकास में समानता को लेकर जवाब देगी या यह विवाद और गहराएगा।
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