
बड़ी खबर: 150 करोड़ की ठगी करने वाला अंतरराज्यीय ठग गिरोह बेनकाब, जशपुर पुलिस ने दिल्ली से दबोचे ‘बंटी-बबली’
जशपुर : छत्तीसगढ़ की जशपुर पुलिस ने एक सनसनीखेज़ ठगी के मामले में जबरदस्त कामयाबी हासिल की है। राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन के नाम पर देशभर के व्यापारियों को चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का खुलासा करते हुए पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रत्नाकर उपाध्याय और अनिता उपाध्याय के रूप में हुई है। दोनों की ठगी का तरीका बिल्कुल ‘बंटी-बबली’ फिल्म की तर्ज पर था—शातिर प्लानिंग, फर्जी दस्तावेज़ और मासूम व्यापारियों को ठगने की जबरदस्त स्क्रिप्ट।
इस गिरोह ने पत्थलगांव के व्यापारी अमित अग्रवाल से स्वेटर सप्लाई के नाम पर 5 करोड़ 70 लाख रुपये की ठगी की थी। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका—ठगों ने उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में करीब 150 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया है।
ऐसे फंसे बंटी-बबली जाल में
व्यापारी की शिकायत पर जशपुर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज की। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में SDOP ध्रुवेश कुमार जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई, जिसने दो दिन तक दिल्ली में डेरा डालकर आरोपियों को ट्रैप किया। पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर अनिता को 1000 करोड़ के ऑर्डर का लालच दिया और उसे होटल ताज में मीटिंग के लिए बुलाया। साथ ही, एक मॉडल को असिस्टेंट बनाकर पूरे ऑपरेशन को प्रोफेशनल लुक दिया गया।
अनिता को शक न हो, इसलिए यह पूरा ऑपरेशन बेहद चालाकी से चलाया गया। जैसे ही अनिता ने अपने बॉस रत्नाकर को बुलाया, पुलिस ने दिल्ली के सागरपुर से उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान रत्नाकर ने पुलिस पर हमला करने और अपहरण का आरोप लगाकर भीड़ जुटाने की कोशिश की, लेकिन SDOP जायसवाल ने हालात पर नियंत्रण बनाए रखा।
IG ने टीम को दिया नकद इनाम
इस पूरे ऑपरेशन की निगरानी SSP शशि मोहन सिंह ने खुद की, जबकि सरगुजा रेंज IG दीपक झा ने टीम को नकद इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस ने BNS की कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया कि रत्नाकर के खिलाफ देशभर में 12 से ज्यादा ठगी के मामले दर्ज हैं। वह फर्जी बुकलेट्स दिखाकर 600 करोड़ रुपये के टर्नओवर का दावा करता था, जबकि असल में उसे अब तक 140 करोड़ रुपये ही मिले।
लग्जरी लाइफस्टाइल का भी खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया है कि रत्नाकर के पास लखनऊ और दिल्ली में 40 करोड़ की संपत्ति और एक लग्जरी रेंज रोवर है। दोनों की संपत्तियों की जांच की जा रही है। फिलहाल, दोनों मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में हैं और जशपुर लाया जा चुका है, जबकि गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
निष्कर्ष:
जशपुर पुलिस की इस कार्यवाही ने यह साबित कर दिया कि ठग चाहे जितने भी शातिर क्यों न हों, कानून के लंबे हाथ उन्हें पकड़ ही लेते हैं। यह ऑपरेशन आने वाले समय में अन्य पुलिस विभागों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है।
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