
CG Mirror News
जशपुर :- जिले में इन दिनों बिना बीमा और बिना नियमों का पालन किए ट्रैक्टर-ट्रॉली बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जो आम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि न तो इन ट्रॉली में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम हैं और न ही इनके दस्तावेज पूरे पाए जा रहे हैं। प्रशासन की ढिलाई के चलते यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, अधिकांश ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना इंश्योरेंस और फिटनेस के सड़कों पर चल रहे हैं। विभाग के जानकार सूत्रों का कहना है कि, करीब 90 प्रतिशत ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिकों का बीमा और फिटनेस फेल है, फिर भी वे खुलेआम परिवहन कार्य में लगे हुए हैं। यह सीधे-सीधे नियमों का उल्लंघन है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति ही नजर आती है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन ट्रॉली में सुरक्षा के लिए जरूरी रेडियम स्ट्रिप्स तक नहीं लगाए जाते। रात के समय ये ट्रॉली लगभग दिखाई नहीं देते, जिससे दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा अधिकतर ट्रॉली जंग लगी और जर्जर हालत में हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। वहीं, नियमों के अनुसार ट्रैक्टर और ट्रॉली दोनों के अलग-अलग रजिस्ट्रेशन (RC) और नंबर प्लेट होना अनिवार्य है, लेकिन जिले में यह नियम भी पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। कई ट्रॉली बिना नंबर के ही सड़कों पर दौड़ रही हैं या फिर ट्रैक्टर का ही नंबर इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में दुर्घटना होने पर जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान करना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण और शहरी इलाकों में इन ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग धड़ल्ले से निर्माण सामग्री, रेत, गिट्टी और अन्य सामान ढोने के लिए किया जा रहा है। लेकिन सुरक्षा और नियमों की अनदेखी के कारण यह सुविधा अब लोगों के लिए “जी का जंजाल” बनती जा रही है। आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं की खबरें सामने आती रहती हैं, जिनमें कई बार निर्दोष राहगीरों को अपनी जान गंवानी पड़ती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि परिवहन विभाग और पुलिस प्रशासन को इस ओर सख्त कदम उठाने चाहिए। नियमित जांच अभियान चलाकर बिना बीमा, बिना फिटनेस और बिना नंबर वाली ट्रॉली पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही, ट्रॉली में रेडियम, रंग-रोगन और अन्य सुरक्षा उपायों को अनिवार्य रूप से लागू कराया जाना चाहिए। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है कि वह नियमों का सख्ती से पालन कराए, ताकि आम जनता की जान सुरक्षित रहे।
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