
टोनही के शक में मारपीट – दो महिलाओं समेत चार आरोपी गिरफ्तार, दो फरार
जशपुर। जिले के कोतबा चौकी क्षेत्र के ग्राम लकरामुड़ा में टोनही और जादू-टोना के शक के आधार पर एक परिवार पर हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। घटना 26 जुलाई की रात की है जब ग्राम लकरामुड़ा निवासी ओमप्रकाश सोनी अपने घर के आंगन में खड़ा था। उसी समय पड़ोसी बलिचंद्र डहरे ने ओमप्रकाश पर जादू-टोना करने और अपने बच्चे को मार डालने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। जब ओमप्रकाश ने इसका विरोध किया तो बलिचंद्र और भड़क गया और जान से मारने की धमकी देने लगा।कुछ देर बाद रात करीब 8:30 बजे बलिचंद्र डहरे अपने परिजनों – सूरज डहरे, सुदर्शन डहरे, माधुरी डहरे, शांति डहरे और सदानंद डहरे के साथ ओमप्रकाश के घर में जबरन घुस आया। उन्होंने ओमप्रकाश को घर से खींचकर बाहर लाया और टांगी व ईंट से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मारपीट में बीच-बचाव करने आए ओमप्रकाश के माता-पिता पर भी हमला किया गया। प्रार्थी के पिता के सिर में गंभीर चोट आई है और मां के चेहरे व हाथ में भी गंभीर चोटें हैं। सभी को इलाज के लिए अंबिकापुर अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित की शिकायत पर कोतबा पुलिस ने बलिचंद्र डहरे, सुदर्शन डहरे, माधुरी डहरे और शांति बाई डहरे को गिरफ्तार कर लिया है। फरार आरोपियों सूरज डहरे और सदानंद डहरे की तलाश जारी है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 351(3), 115(2), 190, 191 और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 की धारा 5 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी कोतबा उपनिरीक्षक राकेश कुमार सिंह, एएसआई अपलेजर खेस, आरक्षक बूटा सिंह, पवन पैंकरा, सुशील तिर्की और महिला आरक्षक तुलसी कोसले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि टोनही जैसे अंधविश्वास पर आधारित अपराधों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि वे इस तरह की कुरीतियों से दूर रहें, खुद शिक्षित हों और अपने परिजनों को भी जागरूक करें।
Views: 0




