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ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन पर्यावरण और आस्था से जुड़ा मुद्दा : आदिवासी आस्था और जंगल पर खतरे का आरोप,पत्थर खदान क्रशर प्लांट के खिलाफ सड़क पर उतरे सैकड़ों ग्रामीण।

जशपुर। जिले के बागबहार थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकरभुका कोयलापहाड़ी गांव में प्रस्तावित पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की स्थापना को लेकर ग्रामीणों का मंगलवार को जबरदस्त विरोध सामने आया है। सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के महिला-पुरुष हाथों में नारे लिखी तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आए और प्लांट के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।

ग्रामीणों का कहना है कि जंगल, पहाड़ और पेड़-पौधे ही उनकी जीवनरेखा और आजीविका का आधार हैं, लेकिन कथित तौर पर दस्तावेजों में कूटरचना कर लंबी अवधि की लीज लेकर यहां पत्थर खदान और क्रशर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्लांट के समीप स्थित गौठान की भूमि पर अवैध अतिक्रमण किया गया है, साथ ही डभरी को पाटने का भी काम हुआ है।

स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि क्रशर प्लांट से उड़ने वाली धूल से गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ेगा और पूरा गांव प्रदूषण की चपेट में आ जाएगा। ग्रामीणों का दावा है कि वर्ष 2009 में कथित रूप से फर्जी ग्रामसभा कर लगभग 10 एकड़ भूमि लीज पर ली गई, जहां अब प्लांट लगाया जा रहा है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जिस पहाड़ की कटाई की जा रही है, उसे आदिवासी समाज ग्राम देवता के रूप में पूजता आ रहा है। आरोप है कि प्लांट के लिए बड़े-बड़े पेड़ों की कटाई की गई और पहाड़ियों को काटकर रास्ता बनाया गया है, जिससे धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
मामले को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने प्लांट संचालक द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है। इसके विरोध में ग्रामीणों ने बागबहार थाना में लिखित ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पत्थलगांव एसडीएम ऋतुराज सिंह बिसेन, एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल, बागबहार तहसीलदार कृष्णमूर्ति दीवान, पत्थलगांव नायब तहसीलदार भीष्म पटेल सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पूरे मामले को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग की है कि पत्थर खदान और क्रशर प्लांट की अनुमति तत्काल निरस्त की जाए, ताकि जंगल, पर्यावरण और आदिवासी आस्था की रक्षा हो सके।

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Mukesh Nayak

Editer - Mukesh Nayak Jashpur (Cg) www.mukeshnk60@gmail.com

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