
CG Mirror News
जशपुर :- जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। झारखंड के कुरडेग से छत्तीसगढ़ के कुनकुरी की ओर आ रही अनमोल नाम की कंडम बस करडेगा चौकी क्षेत्र के गोड़ाअंबा गांव के पास मोड़ पर ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित होकर सीधे एक प्रधानमंत्री आवास में जा घुसी।
हादसा इतना भयानक था कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि बस में दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। अचानक ब्रेक फेल होने के कारण चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख पाया और बस सड़क से उतरकर पलटते हुए प्रधानमंत्री आवास के निर्माणधीन घर में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि घर का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण और करड़ेगा चौकी सहित ऊपरक्छार, कुनकुरी तपकरा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़कर घायलों को बाहर निकालने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इस हादसे में करीब 5 लोगों की मौत होने की आशंका जताई जा रही है, जिसमे एक 5 माह का मासूम बच्चा भी शामिल बताया जा रहा है।
हालांकि खबर लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से मौत के आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि करीब 18 यात्रियों की हालत गंभीर है, जिन्हें तुरंत एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया है। घटना की सूचना मिलते ही तीन एम्बुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का सिलसिला जारी है। पुलिस और प्रशासन की टीम भी मौके पर पहुंचकर हालात को संभालने में जुटी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यह अनमोल बस काफी पुरानी और जर्जर यानी कंडम हालत में थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर ऐसी खराब और असुरक्षित बसों को सड़क पर चलने की अनुमति कैसे मिल रही है। इस घटना के बाद परिवहन विभाग (RTO) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह करीब 9:45 बजे हुआ, जब बस कुरडेग से कुनकुरी की ओर आ रही थी। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम का माहौल है। घायल यात्रियों के परिजन अस्पताल की ओर दौड़ रहे हैं और गांव में हर तरफ चिंता और दुख का माहौल देखने को मिल रहा है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और हादसे के कारणों की पुष्टि की जा रही है। वहीं मृतकों और घायलों की सही संख्या को लेकर प्रशासन की आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर कंडम बसों के संचालन और परिवहन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि ऐसी जर्जर बसों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।
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