
प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम: जशपुर में कांग्रेस का प्रदर्शन, दो घंटे नेशनल हाईवे रहा बंद, यह विरोध नहीं,जन चेतावनी
जशपुर! कांग्रेस द्वारा आयोजित प्रदेशव्यापी आर्थिक नाकेबंदी और चक्का जाम आंदोलन का असर जशपुर जिले के कांसाबेल में भी दिखा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कांसाबेल चौक के पास नेशनल हाईवे-43 को लगभग दो घंटे तक जाम कर आवागमन ठप कर दिया। पूर्व विधायक व संसदीय सचिव यू.डी. मिंज ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस समय एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है। एक ओर ईडी की कार्रवाइयों का राजनीतिक दुरुपयोग हो रहा है, तो दूसरी ओर अदानी समूह प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों पर कब्जा करने की कोशिश में लगा है। उन्होंने कहा कि जब जनता से जुड़े सवालों पर सरकार मौन हो जाती है और जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्ष को डराने के लिए किया जाता है, तब यह लोकतंत्र नहीं, तानाशाही कहलाती है। यू.डी. मिंज ने कहा कि जशपुर केवल खनिज संपदा का क्षेत्र नहीं है, बल्कि इसकी आत्मा जंगल, नदियों और जैव विविधता में बसती है। हरित जिला घोषित करने की मांग को अपराध मानना नाजायज है। उन्होंने बताया कि साहसिक खेल और हरित पर्यटन की योजनाएं, जिनके लिए ₹2.75 करोड़ की स्वीकृति भी मिल चुकी थी, उन्हें भी रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि यह विरोध नहीं, बल्कि जन चेतावनी है अब बिना स्थानीय लोगों की सहमति के कोई परियोजना मंजूर नहीं की जाएगी।
यू.डी. मिंज ने बताया कि पिछले दस वर्षों में ईडी ने 193 नेताओं पर कार्रवाई की लेकिन सजा सिर्फ दो को हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि जांच एजेंसियां राजनीतिक हथियार बन चुकी हैं। सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका है कि राजनीतिक संघर्ष जनमत से तय हों, न कि एजेंसियों के माध्यम से।
प्रदर्शन के दौरान जिला प्रभारी भानुप्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, पूर्व विधायक विनय भगत, प्रदेश महासचिव आरती सिंह, नगरपंचायत अध्यक्ष कुनकुरी विनयशील, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष अजित साय सहित करीब 500 कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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