
छत्तीसगढ़ अधिकारी–कर्मचारी फेडरेशन का ऐलान,कल ठप रहेगा कामकाज…
जशपुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी–अधिकारी फेडरेशन ने शासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। 22 अगस्त 2025 को जिलेभर के अधिकारी–कर्मचारी सामूहिक अवकाश लेकर कामबंद–कलमबंद हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान जिला मुख्यालय जशपुर के रणजीता स्टेडियम के पास बड़ा धरना प्रदर्शन होगा और शहर की सड़कों पर विशाल रैली निकाली जाएगी।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी कर बताया कि 30 जून को मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को नोटिस दिए जाने के बावजूद अब तक शासन ने न तो कोई वार्ता की और न ही कर्मचारियों की मांगों पर विचार किया। इससे नाराजगी गहराती जा रही है और कर्मचारियों का सब्र टूट रहा है।
आक्रोश की वजहें और मुख्य मांगें
फेडरेशन ने अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज किया है। इसमें प्रमुख रूप से यह बातें शामिल हैं–
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान महंगाई भत्ता छत्तीसगढ़ में भी देय तिथि से लागू किया जाए।
- वर्ष 2019 से लंबित महंगाई भत्ते की एरियर्स राशि कर्मचारियों के जीपीएफ खातों में जोड़ी जाए।
- पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट को सार्वजनिक कर कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर किया जाए।
- चार स्तरीय समयमान वेतनमान की व्यवस्था लागू हो, जिसमें 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा अवधि पर वेतनमान मिले।
- नगरीय निकाय, सहायक शिक्षक, पशु चिकित्सा अधिकारी और अन्य विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों को समान लाभ दिए जाएं।
- प्रदेश में सभी कर्मचारियों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा शुरू की जाए।
- अनुकंपा नियुक्ति में छूट दी जाए ताकि मृत कर्मचारी के परिजनों को आसानी से नौकरी मिल सके।
- अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा 300 दिवस तक बढ़ाई जाए।
- शिक्षक–एलबी कर्मचारियों की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति से की जाए।
- पंचायत सचिवों का शासकीकरण किया जाए।
- कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष की जाए और संविदा व दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जाए।
आंदोलन का दूसरा चरण
फेडरेशन से जुड़े 120 संगठन “झन करव इनकार, हमर सुनव सरकार” अभियान के तहत चरणबद्ध आंदोलन कर रहे हैं। इसी क्रम में 22 अगस्त को जशपुर से आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत होगी।
फेडरेशन पदाधिकारियों ने जिले के सभी कर्मचारी–अधिकारियों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में शामिल होकर अपने हक की लड़ाई को मजबूत करें।
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