
कुंजारा पंचायत में सरपंच पति का राज! अधूरा सीएससी भवन धंसने के साथ दीवारों में दरारें, घटिया निर्माण से भड़का ग्रामीणों का गुस्सा।
जशपुर । कुनकुरी विकासखंड की ग्राम पंचायत कुंजारा में निर्माणाधीन कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) भवन का हाल शुरुआत से ही खराब होता जा रहा है। करीब पांच लाख रुपये की लागत से बन रहे इस भवन की नींव जहां धंसने लगी है, वहीं दीवारों में दरारें भी दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह सब घटिया निर्माण और निगरानी की लापरवाही का नतीजा है। ग्रामवासियों ने बताया कि भवन अभी अधूरा है लेकिन इसकी स्थिति पहले से जर्जर हो गई है। उनका कहना है कि निर्माण में घटिया ईंट, सीमेंट और रेत का उपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब भवन की नींव और दीवारें अभी से फटने लगी हैं, तो पूरा भवन तैयार होने के बाद कितने दिन टिकेगा।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत में वास्तविक सरपंच की बजाय उनके पति ही फैसले ले रहे हैं। विकास कार्यों से लेकर ठेके तय करने तक सारा नियंत्रण उन्हीं के पास है। इसी मनमानी के चलते गुणवत्ता की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
स्थानीय नागरिक बजरंग गुप्ता ने कहा कि “पंचायत में सरपंच पति की मर्जी के बिना कोई काम नहीं होता। बैठक से लेकर ठेके तक सब उन्हीं की इच्छा से तय होते हैं। जनता की राय को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।”
ग्रामीणों और उपसरपंच ने जनपद पंचायत कुनकुरी और जिला प्रशासन से तकनीकी जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि भवन की स्थिति देखकर साफ है कि इसमें घटिया निर्माण हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों को जवाब देना चाहिए।
इस संबंध में एसडीओ पैंकरा ने कहा कि “मामले की जानकारी मिली है, जांच कराई जाएगी और त्रुटि मिलने पर सुधार किया जाएगा।” हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई मामूली त्रुटि नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और मनमानी का उदाहरण है।
अब सवाल यह है कि कुंजारा पंचायत में “सरपंच पति का प्रभाव” कब खत्म होगा, और क्या प्रशासन इस बार वास्तव में जवाबदेही तय करेगा या फिर धंसता और फटता यह भवन भी भ्रष्टाचार की एक और मिसाल बनकर रह जाएगा?
Views: 0




