
कोतईबीरा को पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग,क्षेत्रवासियों ने CM को सौंपा ज्ञापन,चौमुखी हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरा नागलोक का हृदय स्थल बन सकता है राज्य का प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्र।
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जशपुर। प्राकृतिक सौंदर्य की गोद में, चौमुखी हरियाली के बीच स्थित कोतईबीरा शिव मंदिर, जिसे क्षेत्रवासी श्रद्धा से नागलोक का हृदय स्थल भी कहते हैं, को पर्यटन एवं एडवेंचर गतिविधियों से युक्त स्थल के रूप में विकसित करने की मांग अब सीधे शासन तक पहुँची है। इस संबंध में क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपकर कोतईबीरा शिव मंदिर को आधिकारिक पर्यटन स्थल घोषित करने की अपील की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में नटवर मुंदडा (अध्यक्ष, शिव मंदिर समिति कोतईबीरा), रमेश मांझी (उपाध्यक्ष), कपिलेश्वर सिंह (सचिव), जिला पंचायत सदस्य श्रीमती दुलारी सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य डॉ. अजय शर्मा सहित दर्जनों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि कोतईबीरा शिव मंदिर चारों ओर से फैली हरियाली, शांत वातावरण और प्राकृतिक दृश्यों के कारण न केवल एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है, बल्कि पर्यटन की अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र भी है। यहाँ प्रतिदिन छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा और झारखंड से श्रद्धालु और सैलानी पहुँचते हैं। सावन माह में हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए यहाँ आते हैं, जिससे यह स्थल बड़े धार्मिक आयोजनों का केंद्र बन जाता है। क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश सरकार द्वारा पहले ही यहाँ सीसी रोड, हाईमास्ट लाइट, भवन निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, जो यह दर्शाता है कि शासन इस क्षेत्र के विकास को लेकर सकारात्मक सोच रखता है। अब आवश्यकता है कि इस स्थल को पर्यटन विभाग की सूची में शामिल कर योजनाबद्ध विकास किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि ईब नदी क्षेत्र की भौगोलिक बनावट को ध्यान में रखते हुए बोटिंग की सुविधा, प्रकृति से सामंजस्य बैठाते हुए एडवेंचर गतिविधियों का विकास, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए ठहरने की व्यवस्था, तथा प्रवेश द्वार से मंदिर परिसर तक स्ट्रीट लाइट की समुचित व्यवस्था की जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि कोतईबीरा शिव मंदिर को आधिकारिक पर्यटन एवं एडवेंचर स्थल का दर्जा मिलता है, तो यह नागलोक के हृदय स्थल के रूप में राज्य ही नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकता है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी। ज्ञापन सौंपने के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय इस जनभावना पर गंभीरता से विचार करेंगे और कोतईबीरा शिव मंदिर को वह पहचान दिलाएंगे, जिसका वह वर्षों से इंतजार कर रहा है।
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