
करोड़ों के निवेश के नाम पर बड़ा खेल, जशपुर पुलिस की कार्रवाई दो आरोपी गिरफ्तार जांच में खुली फर्जी कंपनी की परतें।
जशपुर – पत्थलगांव क्षेत्र में निवेश के नाम पर ग्रामीणों से करोड़ों रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। जांच में यह बात सामने आई है कि फर्जी कंपनी बनाकर ग्रामीणों को ऊंचे ब्याज और दोगुना लाभ का लालच देकर ठगा गया था।
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2023 में पत्थलगांव निवासी प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव व उसके साथियों को एक व्यक्ति संतोष कुमार साहू ने कृषि प्रोडक्ट कंपनी ‘सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन’ के नाम पर निवेश करने का प्रस्ताव दिया। उसने बताया कि कंपनी नए कृषि उत्पादों के प्लांट में निवेश पर हर माह आकर्षक ब्याज दे रही है। कुछ महीनों तक ब्याज की रकम मिलने के बाद भुगतान अचानक बंद हो गया। जब निवेशकों ने संपर्क किया, तो उन्हें कंपनी के एमडी मोहम्मद सिराज आलम से मिलवाया गया, जिसने उन्हें और बड़े लाभ का झांसा देकर पुनः गुमराह किया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संतोष कुमार साहू और उसका साथी हरिशरण देवांगन ने ग्रामीणों को विश्वास में लेकर फर्जी दावे किए कि कंपनी सेबी में रजिस्टर्ड है और शेयर मार्केट में लंबे समय से काम कर रही है। निवेश पर प्रति दिन 1 प्रतिशत ब्याज देने का वादा किया गया था। शुरुआत में कुछ भुगतान किया गया, लेकिन जैसे ही नए निवेशक जुड़ना बंद हुए, कंपनी ने वेबसाइट बंद कर दी और सभी निवेशकों की रकम हड़प ली।
प्रार्थी और अन्य ग्रामीणों से कुल मिलाकर लगभग छह करोड़ रुपये की ठगी की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी पत्थलगांव धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने जिला जांजगीर-चांपा और जिला शक्ति में दबिश देकर दोनों मुख्य आरोपियों — हरिशरण देवांगन (52 वर्ष, निवासी जैजैपुर, जिला शक्ति) और संतोष कुमार साहू (46 वर्ष, निवासी मुदुपर, जिला जांजगीर-चांपा) — को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ठगों ने निवेशकों से आधार, पैन कार्ड और हस्ताक्षर लेकर उन्हें ‘सी बुल्स सहयोग निधि रियल स्टेट एंड फाइनेंस लिमिटेड’ नामक दूसरी फर्जी कंपनी का सदस्य व डायरेक्टर दिखा दिया था। इसके बाद कंपनी की वेबसाइट बंद कर दी गई और संपर्क के सभी माध्यम खत्म कर दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि फर्जी कंपनियों के माध्यम से ग्रामीणों को ठगने के इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। अन्य आरोपियों की पहचान की जा चुकी है और उनकी तलाश जारी है।
मामले की जांच और कार्रवाई में एसडीओपी धुर्वेश जायसवाल, थाना प्रभारी निरीक्षक विनीत पांडे, उपनिरीक्षक संतोष तिवारी, आरक्षक आशीषन टोप्पो, राजेंद्र रात्रे और कमलेश्वर वर्मा की अहम भूमिका रही।
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