
राजस्व भूमि में चल रही अवैध कटाई, विभागीय लापरवाही से लाखों की लकड़ी गायब, रातों रात अन्य राज्य हो रहा परिवहन।
जशपुर । वनपरिक्षेत्र तपकरा के ग्राम बोखी में राजस्व भूमि पर अवैध पेड़ों की कटाई लगातार जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि सुनसान इलाकों में रहस्यमयी तरीके से बड़े पैमाने पर पेड़ काटे जा रहे हैं। वन विभाग का दावा है कि यहां सेमेल के पेड़ काटे जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में सराई और महुआ जैसे बेसकीमती वृक्ष भी सेमेल के आड़ में काटे जा रहे हैं।
स्थानीयों के अनुसार, इससे पहले तुबा क्षेत्र में भी यही टीम सक्रिय थी, जहां सैकड़ों पेड़ राजस्व भूमि से काटे गए थे। कटाई के बाद रातों-रात ठूंठों को खुदाई कर मिटा दिया जाता है ताकि कोई सबूत न बचे। ग्रामीणों और राहगीरों ने बताया कि दिन में कटाई होती है और रात में सुनसान एरिया में वाहन खडे कर कंटेनरों में लकड़ियाँ भरकर बाहर भेजी जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक, अब तक क्षेत्र से लाखों रुपए की लकड़ी गायब हो चुकी है, जिसे अंबिकापुर के रास्ते से होते हुए उत्तरप्रदेश बिहार और मध्यप्रदेश तक पहुंचाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कटाई के लिए उच्च स्तरीय मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और लकड़ी के परिवहन व उठाव के लिए क्रेन तक तैनात की गई हैं। इसके बावजूद, रास्ते में मौजूद कई फॉरेस्ट बेरियर इस अवैध तस्करी को रोकने में नाकाम साबित हो रहे हैं। स्थल पर देखने से स्पष्ट है कि महुआ और सराई के कटे अवशेष अब भी मौजूद हैं, जबकि सेमेल के सूखे ठूंठ इस अवैध कटाई को वैध ठहराने का बहाना बन रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि जब वे इस पूरे मामले पर सवाल उठाते हैं, तो उन्हें टालमटोल और गुमराह करने वाले जवाब दिए जाते हैं। फिलहाल, राजस्व भूमि पर कटाई बदस्तूर जारी है। विभागीय लापरवाही और संभावित मिलीभगत से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा को बचाया जा सके।
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