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पैंगोलिन की अवैध तस्करी पर वन विभाग का बड़ा एक्शन, जशपुर-गुमला की संयुक्त टीम ने अंतरराज्यीय नेटवर्क का किया भंडाफोड़,आरोपी को रंगे हाथों किया गिरफ्तार, जांच में और खुलासों की उम्मीद।

CG Mirror News

जशपुरनगर | वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए वनमंडल जशपुर और गुमला वनप्रमंडल की संयुक्त टीम ने पैंगोलिन शल्क की अवैध खरीदी-बिक्री में लिप्त एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 11 फरवरी को गुप्त सूचना के आधार पर सुनियोजित तरीके से की गई, जिसमें तस्करी के इस संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार लंबे समय से पैंगोलिन शल्क की तस्करी की सूचना मिल रही थी। इसी के तहत जशपुर एवं गुमला वन विभाग की टीमों ने संयुक्त रणनीति बनाकर संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी शुरू की। कार्रवाई के दौरान ग्राम रनपुर, थाना नारायणपुर, जशपुर निवासी आरोपी को रंगे हाथों पैंगोलिन शल्क की अवैध खरीद-फरोख्त करते हुए पकड़ा गया। आरोपी के कब्जे से प्रतिबंधित पैंगोलिन शल्क बरामद किए गए, जिन्हें जब्त कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। पैंगोलिन एक अत्यंत दुर्लभ और संरक्षित वन्यजीव है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी होती है। इसके शल्क की अवैध मांग पारंपरिक चिकित्सा और काले बाजार में अधिक होने के कारण यह लगातार शिकारियों के निशाने पर रहता है। भारत में पैंगोलिन को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल किया गया है, जिसमें इसे सर्वोच्च सुरक्षा प्राप्त है। इस श्रेणी में आने वाले वन्यजीवों के शिकार, व्यापार या अवैध परिवहन पर कठोर दंड और लंबी सजा का प्रावधान है। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर विधिवत गिरफ्तारी की है। आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और पूरे तस्करी नेटवर्क की गहन जांच भी शुरू कर दी गई है। विभाग को आशंका है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय हो सकता है। वन विभाग के अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे वन्यजीव संरक्षण में सहयोग करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत नजदीकी वन कार्यालय या पुलिस को दें। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। समय रहते सूचना मिलने से न सिर्फ अपराध रोके जा सकते हैं, बल्कि हमारी प्राकृतिक धरोहर को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश देती है कि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और ऐसे अपराधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

 

 

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Mukesh Nayak

Editer - Mukesh Nayak Jashpur (Cg) www.mukeshnk60@gmail.com

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