
CG Mirror News
जशपुर :- लुडेग से फरसाबहार – तपकरा तक का मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गया है। करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली यह सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। सड़क निर्माण के नाम पर कई स्थानों पर केवल मिट्टी और मुरूम डाल दी गई है, जिससे थोड़ी सी बारिश होते ही सड़क कीचड़ में बदल जाती है । हालात ऐसे हैं कि फरसाबहार से तपकरा तक का करीब 11 किलोमीटर का सफर 1 घंटे में भी तय नहीं कर पाते और लोगों के लिए जोखिम एवं परेशानी से भरा हो गया है।
सबसे अधिक दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों, स्कूली छात्र-छात्राओं, यात्री बसों और रोजाना ब्लॉक मुख्यालय आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है । बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से यह अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है कि सड़क कहां है और गड्ढा कहां। इससे दुर्घटनाओं का खतरा भी लगातार बना हुआ है । फरसाबहार से लुडेग, पमशाला और तपकरा तक सड़क की स्थिति कई स्थानों पर बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे, उखड़ी हुई सड़क और कीचड़ के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। यात्री बसों को भी सफर तय करने में अतिरिक्त समय लग रहा है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कंदईबहार के ग्रामीण रंजीत राम ने बताया कि हल्की बारिश होते ही गांव की मुख्य बस्ती में सड़क पर पानी भर जाता है। मिट्टी और मुरूम डालने से सड़क और भी खराब हो गई है। कीचड़ के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है और वाहन फिसलने का डर बना रहता है। वहीं पमशाला के ग्रामीण सौभनाथ प्रधान का कहना है कि सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि, इस पर सुरक्षित यात्रा करना मुश्किल हो गया है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनसे वाहन चालकों को हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। पानबहार निवासी मोहन यादव ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति का सबसे ज्यादा असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। स्कूल आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना कीचड़ और गड्ढों से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार वाहन फंस जाते हैं और बच्चों को पैदल ही लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। इसके बावजूद सड़क की निर्माण एवं मरम्मत केवल औपचारिकता बनकर रह गई है। लोगों का आरोप है कि मिट्टी और मुरूम डालकर खानापूर्ति की जा रही है, जबकि स्थायी मरम्मत की जरूरत है। ग्रामीणों और राहगीरों ने प्रशासन तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि फरसाबहार-तपकरा मार्ग की तत्काल गुणवत्ता के साथ निर्माण से पहले मरम्मत कराई जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। उनका कहना है कि, यदि समय रहते सड़क की स्थिति नहीं सुधारी गई तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ सकती है । फिलहाल, यह मार्ग लोगों के लिए सुविधा नहीं बल्कि परेशानी का कारण बन चुका है।
Views: 0




