
शिक्षा का मंदिर शर्मसार: प्राथमिक शाला केरवारजोर के प्रधानपाठक नशे की हालत में पहुंचे स्कूल, यहाँ के बच्चों को जनप्रतिनिधि, राजनेता का नाम नहीं पता उफ़ ए शिक्षा कि लचर व्यवस्था..?
जशपुर :- विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पंचायत फरदबहार अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला केरवारजोर में शनिवार को शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार स्कूल के प्रधानपाठक आलोक बड़ा नशे की हालत में स्कूल पहुंचे, जिससे बच्चों और स्टाफ में हड़कंप मच गया।
विद्यालय में कुल 43 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, जिनमें 22 बालक एवं 21 बालिकाएं शामिल हैं। विद्यालय में प्रधानपाठक सहित केवल दो शिक्षक पदस्थ हैं।
स्थानीय मीडिया प्रतिनिधि जब रिपोर्टिंग के लिए स्कूल पहुंचे तो प्रधानपाठक आलोक बड़ा नशे की हालत में झूमते नजर आए। उनके मुँह से शराब की दुर्गंध आ रही थी। जब रसोईया महिला से पूछताछ की गई तो वह केवल मुस्कुरा दी, जिससे मामले की पुष्टि होती है कि प्रधानपाठक नशे में स्कूल आए थे।
गंभीर बात यह भी है कि यहाँ के बच्चों को मुख्यमंत्री, विधायक, सरपंच व सचिव के नाम तक नहीं मालूम हैं, जो कि शिक्षा की स्थिति पर सवाल खड़े करता है।
प्रशासन द्वारा स्कूल परिसर से 100 मीटर की दूरी तक गुटखा, सिगरेट जैसे नशीले पदार्थों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की बात की जाती है, लेकिन जब शिक्षक ही विद्यालय में नशे की हालत में उपस्थित हों, तो यह नियम केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं।
यह घटना शिक्षा विभाग और प्रशासन की गंभीर अनदेखी को उजागर करती है। सवाल यह उठता है कि अब इस पर प्रशासन क्या सख्त कार्रवाई करेगा? बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे शिक्षकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग उठ रही है।
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