
जशपुर। फरसाबहार विकासखंड के तपकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अब सरकार और जनप्रतिनिधि आमने-सामने आ गए हैं। ग्राम पंचायत तपकरा के उप-सरपंच अजय कुमार गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री सहित प्रशासन को भेजे गए शिकायती पत्र के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जहां अस्पताल की स्थिति संतोषजनक बताई है, वहीं जनप्रतिनिधि ने विभागीय जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई है।
उप-सरपंच अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि यदि अस्पताल में वास्तव में डॉक्टर मौजूद हैं, दवाइयां पर्याप्त हैं और सुविधाएं उपलब्ध हैं, तो फिर ग्रामीणों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और मेडिकल दुकानों का सहारा क्यों लेना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग का जवाब जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता और व्यवस्थाएं सिर्फ कागजों में बेहतर दिखाई जा रही हैं।
उप-सरपंच का कहना है कि एक्स-रे मशीन लंबे समय से बंद है, दंत चिकित्सक की नियुक्ति नहीं होने से दांत संबंधी इलाज नहीं हो पा रहा, समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती और कई बार मरीजों व उनके परिजनों के साथ कर्मचारियों का व्यवहार भी ठीक नहीं रहता। इन समस्याओं को अस्थायी बताकर नजरअंदाज करना ग्रामीणों के साथ अन्याय है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि तय समय-सीमा में वास्तविक सुधार नहीं हुआ और हालात जस के तस बने रहे, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की होगी।
वहीं दूसरी ओर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जशपुर ने कहा है कि तपकरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत पदों के अनुसार व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एक्स-रे मशीन तकनीकी खराबी के कारण अस्थायी रूप से बंद है, जिसे शीघ्र ठीक कराया जाएगा। दंत चिकित्सक की नियुक्ति प्रक्रिया जारी है और अन्य कमियों को एक माह के भीतर दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र को लेकर उठे सवालों ने विभागीय दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग के वादे जमीन पर उतरते हैं या फिर तपकरा का स्वास्थ्य केंद्र कागजी रिपोर्टों में ही संतोषजनक बना रहता है।
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