
Cg Mirror News
जशपुर | कुनकुरी मे मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत योजना के नाम परिवर्तन और मुख्यमंत्री के गृह जिले में धान खरीदी के नाम पर सामने आ रहे कथित घोटालों को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष ने इसे गरीब मजदूरों और किसानों के साथ सीधा अन्याय बताते हुए सरकार के खिलाफ बड़ा घेराव करने की रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि कल से उपवास आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।
कुनकुरी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लेफ्तलंग ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मनरेगा का नाम बदलना सरकार की जमीनी विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश है।
उन्होंने कहा कि मजदूरों को न नियमित रोजगार मिल पा रहा है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान हो रहा है, लेकिन सरकार नाम बदलकर अपनी नाकामी छुपाने में लगी है।
“गरीब के हाथ खाली हैं और सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त है,” उन्होंने कहा। सह प्रभारी जरिता लेफ्तलंग ने मुख्यमंत्री के गृह जिले को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा चुकी है। किसानों को भुगतान के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, खरीदी केंद्रों में अव्यवस्था फैली हुई है और बिचौलियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने इसे सुनियोजित घोटाला करार देते हुए निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष यूडी मिंज, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, पूर्व विधायक विनय भगत, प्रदेश महामंत्री आरती सिंह, महामंत्री महेश त्रिपाठी, पूर्व जिला अध्यक्ष पवन अग्रवाल, कुनकुरी नगर पंचायत अध्यक्ष विनय शील सहित करीब 50 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल रहे। कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में चेतावनी दी कि यदि मनरेगा योजना में मजदूरों को तुरंत रोजगार और समय पर भुगतान सुनिश्चित नहीं किया गया तथा मुख्यमंत्री के जिले में धान खरीदी घोटाले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई, तो कांग्रेस चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेगी। आंदोलन के तहत ब्लॉक और जिला मुख्यालयों का घेराव, चक्का जाम और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा।
अंत में कांग्रेस ने सरकार से मांग की कि मनरेगा योजना के नाम परिवर्तन का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए, धान खरीदी घोटाले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा किसानों और मजदूरों को उनका हक तुरंत दिलाया जाए।
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