
जैन समाज के संरक्षक गुलाबचंद जैन का निधन
समाज के लिए अपूरणीय क्षति।
जशपुरनगर: जिले के जैन समाज के वयोवृद्ध, मार्गदर्शक एवं लंबे समय तक समाज के संरक्षक रहे गुलाबचंद जैन का गुरुवार को 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहावसान से जैन समाज ने एक ऐसे अभिभावक को खो दिया है, जिनकी छत्रछाया में समाज वर्षों से संगठित और सशक्त बना रहा।
जशपुरनगर सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई
जैन समाज के अध्यक्ष प्रवीण जैन एवं महामंत्री डिम्पल जैन ने शोक व्यक्त करते हुए बताया कि गुलाबचंद जैन कई वर्षों तक समाज के संरक्षक के रूप में सक्रिय रहे। समाज के प्रत्येक महत्वपूर्ण निर्णय में उनकी भूमिका मार्गदर्शक की रही। उनकी सलाह, अनुभव और सादगी ने समाज को एक सूत्र में बांधकर रखा।
समाजसेवा,अनुशासन और आपसी समरसता सर्वोपरि
93 वर्षों के अपने दीर्घ जीवन में गुलाबचंद जैन ने समाजसेवा, अनुशासन और आपसी समरसता को सर्वोपरि रखा। वे नई पीढ़ी के लिए संस्कार, जिम्मेदारी और सामाजिक एकता के प्रेरणास्रोत थे। समाज के वरिष्ठजनों का कहना है कि उनका जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि जैन समाज के लिए एक युग का अंत है।
व्यापारिक प्रतिष्ठान रहे बंद
उनके निधन के शोक में गुरुवार को जैन समाज के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। समाजजनों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
गुलाबचंद जैन जिले के वरिष्ठ पत्रकार मनोज जैन के पिता थे। उनके निधन पर पत्रकारिता जगत, सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों ने भी गहरी संवेदना व्यक्त की है। बड़ी संख्या में लोगों ने उनके निवास पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधाया।समाज के वरिष्ठजन, परिजन एवं शुभचिंतकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।समाज के लोगों का कहना है कि गुलाबचंद जैन का नाम जैन समाज के इतिहास में सदैव सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाएगा।
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