जशपुर में भ्रष्टाचार पर बड़ी सजा: रिश्वतखोर नायब तहसीलदार को 3 साल की जेल और 50 हजार का जुर्माना
जशपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अहम फैसला सामने आया है। विशेष न्यायाधीश सत्येन्द्र कुमार साहू की अदालत ने रिश्वत लेने के मामले में दोषी पाए गए नायब तहसीलदार कमलेश कुमार मिरी को तीन साल की सजा और पचास हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।यह मामला वर्ष 2020 का है, जब फरियादी अनोज कुमार गुप्ता से जमीन नामांतरण और ऋण पुस्तिका पर हस्ताक्षर के बदले नायब तहसीलदार ने तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने कार्रवाई करते हुए आरोपी नायब तहसीलदार को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था।लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 07 के तहत दोषी ठहराया। इस मामले में सरकारी पक्ष की ओर से लोक अभियोजक सीपी सिंह ने मजबूती से पैरवी की और आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश किए।इस निर्णय को आमजन और प्रशासनिक हलकों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक कड़ा संदेश माना जा रहा है। यह सजा न केवल अन्य भ्रष्ट अधिकारियों के लिए चेतावनी है, बल्कि आम नागरिकों के विश्वास को भी मजबूत करती है कि कानून के दायरे में सभी बराबर हैं और भ्रष्टाचार करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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