
जशपुर। नागलोक क्षेत्र में अवैध धान परिवहन का नया नेटवर्क तेज़ी से सक्रिय हो गया है। पुलिस और प्रशासन की सख्त कार्रवाई के बाद बिचौलियों ने तरीका, मार्ग और माध्यम तीनों बदल दिए हैं। अब उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के 8–10 बाइक सवार युवक झारखंड से धान लाकर सीधे बिचौलियों तक पहुँचा रहे हैं।
यह टीम पहले प्लास्टिक के टब बेचकर ही अपनी आय चलाती थी, पर बिचौलियों के संपर्क में आने के बाद अब टब के बदले धान लेने की व्यवस्था अपना ली है। छोटे टब के बदले लगभग 10 किलो और बड़े टब के बदले करीब 15 किलो धान लिया जा रहा है। इस बदले हुए तरीके से रोजाना लगभग आधा टन धान क्षेत्र में पहुँच रहा है।
टब बेचने वाले एक व्यक्ति ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पहले वे झारखंड के कुरडेग, कुटमाकछार क्षेत्र में और छत्तीसगढ़ के नागलोक, फरसाबहार, तपकरा, सिंगीबहार और केरसई इलाके में प्लास्टिक के टब नगद में बेचते थे। लेकिन बिचौलियों ने उन्हें 20–22 रूपये किलो के भाव में धान लेने का लालच दिया। इसके कारण एक टब पर उन्हें 50 से 100 रुपये अतिरिक्त आय होने लगी। इसी लाभ के कारण टीम ने पूरी तरह टब के बदले धान लेना शुरू कर दिया और नगद बिक्री बंद कर दी।
मार्ग भी पूरी तरह बदल दिया गया है। अब धान झारखंड से कुटमाकछार, लुलकीडीह, दपकला, बांधाटोली, तपकरा, सिंगीबहार, केरसई होते हुए कुंजारा तक पहुँच रहा है। पुलिस की नजरों से बचने के लिए कई कच्चे रास्तों और कम उपयोग वाली पगडंडियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कल शाम उपरकछार पुलिस चौकी के प्रभारी द्वारा चेकिंग के दौरान टीम को रोका भी गया था, लेकिन जीविका का साधन बताकर छोड़ दिया गया। बाद में सूत्रों से जानकारी मिली कि गिरोह के सदस्य UP-MP के रहने वाले हैं। और अब बिचौलियों के इशारे पर अवैध धान परिवहन में पूरी तरह शामिल हैं।
वही एसडीएम फरसाबहार ओमकारेश्वर सिंह और उनकी टीम लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। प्रशासन की दबिश के बाद ही बिचौलियों ने नया रूट और नया तरीका अपनाया है।
Views: 0




