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जशपुर। छत्तीसगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं का आंदोलन अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता- सहायिका यूनियन (सीटू) ने सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का एलान करते हुए चरणबद्ध आंदोलन कार्यक्रम घोषित कर दिया है।
यूनियन द्वारा जिला प्रशासन को सौंपे गए आवेदन के अनुसार 3 फरवरी 2026 को बजट सत्र के विरोध में बजट पत्र जलाकर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया जाएगा। यूनियन की जिला अध्यक्ष मनोरंजनी टोप्पो ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके बाद 12 फरवरी 2026 एवं 7 मार्च 2026 को जिलेभर में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इन दोनों तिथियों पर सभी परियोजनाओं की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगी। उन्होंने कहा कि वर्षों से आंगनबाड़ी कर्मियों से सरकारी कर्मचारियों जैसा कार्य लिया जा रहा है, लेकिन आज भी उन्हें मानदेय पर ही काम करना पड़ रहा है, जो सरासर अन्याय है। प्रमुख मांगों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को ग्रेड-3 व ग्रेड-4 शासकीय कर्मचारी का दर्जा देना, नियमितीकरण होने तक न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारित करना, 10 हजार रुपये पेंशन की गारंटी, आईसीडीएस के निजीकरण पर रोक लगाना तथा अतिरिक्त कार्यभार समाप्त करना शामिल है। मनोरंजनी टोप्पो ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र ठोस निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और इसे राज्यव्यापी स्तर तक ले जाया जाएगा। आवेदन की प्रतिलिपि जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को सौंप दी गई है। आंदोलन की घोषणा के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यदि मांगों पर समय रहते विचार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
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