
CG Mirror News
जशपुर । आदिवासी जनप्रतिनिधि के कथित अपमान और नगर पंचायत CMO के तानाशाही रवैये के विरोध में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुनकुरी खारीझरिया कार्यक्रम का विरोध करने की तैयारी कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई कन्या शाला चौक के पास की गई, जहां कांग्रेस नेता शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने जुटे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए सभी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए कांग्रेस नेताओं में पूर्व जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, जिला महामंत्री महेश त्रिपाठी, राकेश देवांगन, दीपक केरकेट्टा, प्रताप सिंह, हरीश पारीक, मोनू अग्रवाल, सरवर अली, अयूब खान, इमरान खान, अविनाश खलखो, आशीष महापात्रे, राहुल नायक सहित करीब एक दर्जन कार्यकर्ता शामिल हैं।
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले नगर पंचायत CMO द्वारा उपाध्यक्ष दीपक केरकेट्टा के चैंबर को हटा दिया गया था। इस फैसले से आदिवासी समाज और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी फैल गई। बाद में तहसीलदार के हस्तक्षेप से चैंबर तो बहाल कर दिया गया, लेकिन तब तक मामला आदिवासी जनप्रतिनिधि के अपमान का बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका था।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि CMO लगातार तानाशाही रवैया अपना रहे हैं और आदिवासी जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर अपमानित किया जा रहा है। शांतिपूर्ण विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन सरकार और प्रशासन उसे कुचलने की कोशिश कर रहे हैं।
चेतावनी
कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अगर आदिवासी जनप्रतिनिधियों को सम्मान और न्याय नहीं मिला, तो यह आंदोलन जिले से निकलकर पूरे प्रदेश में तेज किया जाएगा। नेताओं ने साफ कहा है कि गिरफ्तारी से कांग्रेस डरने वाली नहीं है, बल्कि इससे आंदोलन और मजबूत होगा।
कुनकुरी की यह घटना अब सिर्फ स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि आदिवासी सम्मान बनाम प्रशासनिक तानाशाही की बड़ी लड़ाई बनती जा रही है।
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