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जशपुर | नागलोक के केरसई में आयोजित स्वामी विवेकानंद स्मृति नॉकआउट फुटबॉल प्रतियोगिता 2026 का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता ने पूरे क्षेत्र को खेल, अनुशासन और भाईचारे के रंग में रंग दिया। फाइनल मुकाबला जशपुर और फरसाबहार की टीमों के बीच खेला गया, जो अंत तक रोमांच से भरपूर रहा। निर्धारित समय में दोनों टीमें बराबरी पर रहीं, जिसके बाद मुकाबले का फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ। रोमांचक मुकाबले में फरसाबहार ने 2 गोल से जशपुर को हराकर खिताब अपने नाम किया, जबकि जशपुर की टीम उपविजेता रही। समापन समारोह की मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय रहीं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, केरसई से मेरा और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी का गहरा लगाव है। यह क्षेत्र खेल प्रतिभाओं से भरा हुआ है। साय जी खेल भावना को आगे बढ़ाने और युवाओं को हर संभव अवसर देने के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री को जनता ने चुनकर बनाया है, इसलिए केरसई की जनता का हम दोनों की ओर से हार्दिक आभार है। श्रीमती साय ने युवाओं से खेल भावना से खेलने, नियमित योग करने, स्वस्थ जीवन अपनाने और नशे से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व की दिशा देता है।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती दुलारी सिंह रहीं, जिन्होंने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक अर्जुन प्रसाद साव, श्रीमती संगीता तिग्गा, भरत साय (पूर्व विधायक एवं पूर्व संसदीय सचिव), गोपाल कश्यप (जनपद सदस्य/बीडीसी), दिलीप साहू (भाजपा मंडल अध्यक्ष), नटवर मुंडरा (भाजपा जिला कोषाध्यक्ष), राजेश फेंटा चौधरी (युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष), सीताराम गुप्ता (मंडल महामंत्री), विनोद पैकरा (मंडल महामंत्री), लक्ष्मी प्रसाद साव, दीपक वर्मा (सरपंच पति), अशोक गुप्ता, गोपाल यादव, दुधेश्वर साय पैकरा, दुधेश्वर साय (पूर्व सरपंच), कपिल सिंह (पूर्व मंडल अध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक एवं हजारों खेल प्रेमी उपस्थित रहे।
जनपद सदस्य गोपाल कश्यप ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए स्वामी विवेकानंद के विचारों को याद किया उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, संघर्ष, धैर्य और सच्ची खेल भावना का विकास करता है। कार्यक्रम का मंच संचालन गोपाल कश्यप ने किया।
प्रतियोगिता में विजेता फरसाबहार टीम को 51 हजार रुपये नकद एवं ट्रॉफी, जबकि उपविजेता जशपुर को 25 हजार रुपये नकद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। साथ ही बेस्ट गोलकीपर, बेस्ट प्लेयर और टॉप स्कोरर सहित अन्य खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया।
वर्ष 2008 से लगातार आयोजित हो रही यह प्रतियोगिता आज केरसई और आसपास के क्षेत्र में खेल संस्कृति को मजबूत करने का सशक्त माध्यम बन चुकी है।
यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाता है, बल्कि समाज को जोड़ने और युवाओं को सही दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
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