
“संविधान बचाओ” सभा में गरजे नेता: भाजपा राज में लोकतंत्र और आदिवासियों के अधिकार खतरे में..
जशपुर। जिले में “संविधान बचाओ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, नेता और आम नागरिक शामिल हुए। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छत्तीसगढ़ और देश की मौजूदा सरकारों पर संविधान विरोधी कार्य करने का गंभीर आरोप लगाया।
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ की साय सरकार हसदेव जैसे समृद्ध आदिवासी जंगलों को उजाड़ने पर तुली है, और यह पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला है। पेसा कानून का उल्लंघन, आदिवासियों को जनगणना में पहचान से वंचित करना, भूमि अधिग्रहण जैसे मामलों में जबरन कार्रवाई, और पिछड़ा वर्ग आरक्षण में कटौती जैसे कदम यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार आमजन और कमजोर वर्गों के अधिकारों को नजरअंदाज कर रही है।
इसके साथ ही, केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा गया। वक्ताओं ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार संविधान को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है। उनके अनुसार, भाजपा नेताओं द्वारा खुले मंच से संविधान बदलने की बात करना बेहद चिंताजनक है। अगर ऐसा होता है तो यह सिर्फ संविधान नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला होगा।
सभा में कांग्रेस की राज्य सह प्रभारी ज़रीता लौतफलांग, पूर्व विधायक विनय भगत, जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, IYC प्रदेश महासचिव विष्णु सिंह देव, ब्लॉक अध्यक्ष सहस्त्रांशु पाठक, नगर पंचायत के पार्षदगण, और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
संविधान बचाओ आंदोलन की मांग स्पष्ट है:
- हसदेव में जंगल कटाई तत्काल रोकी जाए
- पेसा कानून का पूर्ण पालन हो
- आदिवासी जनगणना कॉलम जोड़ा जाए
- आरक्षण व्यवस्था को पुनर्स्थापित किया जाए
- गरीबों को राशन वितरण में पारदर्शिता लाई जाए
- संविधान की मूल भावना को बचाने के लिए सब मिलकर आगे आएं
हमारा संविधान देश की आत्मा है। इसे बचाना हर जागरूक नागरिक का कर्तव्य है। अगर आज हम चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियाँ हमें माफ नहीं करेंगी।
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